छत्तीसगढ़ की खराब सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और NHAI से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, 5 मई को होगी अगली सुनवाई

छत्तीसगढ़ में बदहाल सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस की बेंच ने माना कि कुछ सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, लेकिन कार्यों की समय पर पूर्ति के लिए निरंतर निगरानी को जरूरी बताया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और NHAI को अगली सुनवाई से पहले प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
Chhattisgarh High Court

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में खस्ताहाल सड़कों के मामले पर दायर एक जनहित याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा उठाए गए कदमों पर संतोष जताया, लेकिन सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।

अदालत ने मामले में राज्य शासन और NHAI, दोनों को अपनी-अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस केस की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है, जिससे पहले कोर्ट स्वयं कार्यों की प्रगति की निगरानी करेगा।

सरकार ने शपथपत्र में दिया कार्यों का ब्योरा

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने एक शपथपत्र दाखिल कर विभिन्न सड़क परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। सरकार के अनुसार, बिलासपुर की प्रमुख सड़क पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक के लिए 4079 लाख रुपए का बजट आवंटित कर दिया गया है और इसे प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा, कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ा है:

  • सीपत से बलौदा रोड: इस सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
  • मोपका-सेंदरी बायपास: सड़क स्वीकृत हो चुकी है और जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
  • श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी चौक: इस कार्य के लिए 3 फरवरी 2026 को प्रशासनिक मंजूरी मिली।
  • नारायणपुर से भाटापारा रोड: 9 मार्च 2026 को इस सड़क के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है।
  • तारबहार से शिव टॉकीज चौक: इस हिस्से का काम पूरा हो गया है।

शहरी क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य कराया जा रहा है, जिसमें मंगला चौक से दीनदयाल उपाध्याय नगर तक चौड़ीकरण का काम भी शामिल है।

NHAI ने कहा- मानसून से पहले काम पूरा होगा

NHAI ने भी कोर्ट को अपनी प्रगति से अवगत कराया। प्राधिकरण ने बताया कि कोरबा-कटघोरा क्षेत्र में NH-130 पर जमीन विवाद के कारण रुका 2 किलोमीटर का काम अब सुलझ गया है। इसके लिए 20.13 करोड़ की लागत से नया टेंडर जारी कर जनवरी 2026 से काम फिर शुरू कर दिया गया है। NHAI को उम्मीद है कि यह काम मानसून से पहले पूरा हो जाएगा।

वहीं, NH-149बी (कटघोरा-गोपालपुर) पर 8.55 किलोमीटर सड़क के सुधार और मजबूतीकरण का काम 22.48 करोड़ की लागत से तेजी से चल रहा है।

“राज्य सरकार और NHAI ने कुछ सकारात्मक कदम उठाए हैं। कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है या प्रगति पर है। लेकिन, सभी कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए लगातार निगरानी जरूरी है।”- हाईकोर्ट डिवीजन बेंच

कोर्ट ने मांगी समय-सीमा की जानकारी

मामले की सुनवाई पूरी करते हुए डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए। कोर्ट ने राज्य सरकार के PWD सचिव और NHAI को अगली सुनवाई तक नई प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट रूप से बताने को कहा गया है कि प्रत्येक निर्माण कार्य को पूरा करने की अंतिम समय-सीमा क्या है और काम कब तक पूरा होगा। 5 मई की सुनवाई से पहले कोर्ट इन सभी कार्यों की प्रगति पर नजर रखेगा।

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