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नन्हें बाल गोपालों संग जन्माष्टमी में डूबे सीएम साय, मासूम अटखेलियों से महक उठा मुख्यमंत्री निवास

Written by:Saurabh Singh
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि व निरंतर प्रगति की कामना की।
नन्हें बाल गोपालों संग जन्माष्टमी में डूबे सीएम साय, मासूम अटखेलियों से महक उठा मुख्यमंत्री निवास

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ इस उत्सव में हिस्सा लिया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धारण कर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों और अठखेलियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया, जिसने भक्ति और उत्साह का माहौल बनाया।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में छोटे बच्चों ने कृष्ण लीला की झांकियां और प्रसंग प्रस्तुत किए। उनकी मासूमियत और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। बच्चों की हंसी और उत्साह से पूरा परिसर गूंज उठा। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। यह आयोजन भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम बन गया।

सीएम साय ने की पूजा-अर्चना, बच्चों को बांटा प्रसाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि व निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने बच्चों को स्नेहपूर्वक चॉकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद वितरित किया। साय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत और आस्था से प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को जोड़ते हैं संस्कारों से

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का भी कार्य करते हैं। उन्होंने संकल्प जताया कि भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को न्याय, सद्भाव और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। यह उत्सव बच्चों और उपस्थित लोगों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया, जो भक्ति और उल्लास से भरा रहा।