अब 15 नवंबर से कैसे होगी धान खरीदी? हड़ताल पर बैठे सहकारी समिति के कर्मचारी, सरकार को दी ये चेतावनी

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में किसानों की मुसीबत बढ़ने वाली है। 15 नवंबर से राज्य में धान खरीदी (Paddy Purchase) शुरू होना है लेकिन उससे पहले सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं पर पहले ही ध्यान दिया होता तो उनको हड़ताल करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
cg strike news

cg strike news

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 15 नवंबर से धान खरीदी (Paddy Purchase) शुरू होने वाली है और इससे पहले राज्य के सहकारी समिति कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं सरकार ने धान खरीदी को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में कर्मचारियों का हड़ताल करना सरकार के लिए परेशानी में डाल सकता है।

बता दें कि दुर्ग (Durg) में संभाग स्तर के हजारों कर्मचारी एकत्रित होकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं पर पहले ही ध्यान दिया होता तो उनको हड़ताल करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि धान खरीदी के बाद उठाव में देरी होती है, लेकिन जिम्मेदारी समिति कर्मचारियों पर डाल दी जाती है। इतना ही नहीं वेतन भी बहुत कम दिया जाता है। कम वेतन में उनको परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता है।

सरकार को दी चेतावनी

अब सहकारी समिति का बड़ा बयान सामने आया है। इनका कहना है कि सहकारी समिति के अध्यक्ष कमल पाटनवार ने बताया कि उनकी मांगों पर अफसरों से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगें मानने की दिशा में कोई कोशिश नहीं कर रही है और संघ के पदाधिकारियों को मिलने भी नहीं बुलाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मानती, हम टोकन नहीं काटेंगे।

इन मांगों पर अड़े कर्मचारी

हड़ताल के बीच जिलाध्यक्ष ममता साहू का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनकी 4 सूत्रीय मांगें हैं। इससे पहले भी कर्मचारी 2 बार हड़ताल कर चुके है। ममता साहू ने कहा कि जब तक सरकार कैबिनेट में स्थायी बजट का प्रावधान नहीं करती और सभी समितियों को 3 रुपए प्रति लाख वार्षिक प्रबंधकीय अनुदान नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब चलिए जानते हैं कि कर्मचारियों की क्या मांगें हैं?

1. समस्त कर्मचारियों को नियमित वेतन और 12 माह का भुगतान हो।
2. धान खरीदी नीति 2024-25 की कंडिका 11.3.3 में आउटसोर्सिंग से नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर्स को नियमित किया जाए।
3. धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सूखत राशि समितियों को दी जाए।
4. सेवा नियम 2018 में संशोधन कर भविष्य निधि, ईएसआईसी, महंगाई भत्ता और सीधी भर्ती में प्राथमिकता, परिवहन में देरी न हो और शून्य शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि दी जाए।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
Follow Us :GoogleNews