भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे। इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।
नक्सलवाद पर बोले राज्यपाल डेका
नक्सलवाद पर राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ तरक्की की राह पर है। नक्सलवाद समस्या अपने अंतिम चरण में है और इसे तुरंत हल कर लिया जाएगा। आज बस्तर में बच्चों के चेहरों पर मुस्कान है। वे स्कूल जा रहे हैं, अस्पताल खुल रहे हैं, और गांव वाले अपने डर पर काबू पाकर सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रहे हैं। यहां औद्योगिक क्रांति हो रही है। सेमीकंडक्टर आ रहे हैं, यह पावर हब बन रहा है, और यहां बड़ा निवेश आ रहा है।
नक्सलवाद के बंधन को किया ध्वस्त- मुख्यमंत्री साय
वहीं दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में ध्वजारोहण करते हुए गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण विकास बाधित था, वहीं आज सुशासन की सरकार बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक पर्व केवल अतीत की गौरवगाथा का स्मरण नहीं, बल्कि उन आदर्शों और संकल्पों के अनुसरण का अवसर है, जिनके साथ जनजागृति के माध्यम से प्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की ओर निरंतर अग्रसर होना हमारा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री साय नक्सलवाद को लेकर कहा कि यह गणतंत्र दिवस छत्तीसगढ़ के लिए अतुलनीय और ऐतिहासिक है। सुशासन सरकार ने अपने दो वर्षों के सफल कार्यकाल में न केवल प्रदेश के सर्वांगीण विकास को नई गति दी है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी चुनौती रहे नक्सलवाद के बंधन को निर्णायक रूप से ध्वस्त कर शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय भी रचा है।
मस्तक ऊँचा हुआ मही का, धन्य हिमालय का उत्कर्ष।
हरि का क्रीड़ा-क्षेत्र हमारा, भूमि-भाग्य-सा भारतवर्ष॥यह लोकतांत्रिक पर्व केवल अतीत की गौरवगाथा का स्मरण नहीं, बल्कि उन आदर्शों और संकल्पों के अनुसरण का अवसर है, जिनके साथ जनजागृति के माध्यम से प्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की ओर निरंतर… pic.twitter.com/gsIuXUiYO5
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 26, 2026





