छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच रेलवे स्टेशन की व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर इतना पानी भर गया कि पूरा प्लेटफॉर्म किसी तालाब जैसा नजर आने लगा।
घुटनों तक भरे पानी के बीच यात्रियों को सामान लेकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें काफी दिक्कत हुई। कई लोग बारिश में भीगते हुए ट्रेन तक पहुंचे, जबकि कुछ यात्रियों को फिसलने का डर भी सताता रहा।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर जलभराव ने उठाए कई सवाल
रायपुर रेलवे स्टेशन मध्य भारत के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है, जहां हर दिन हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर जलभराव की स्थिति ने रेलवे की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि हर मानसून में ऐसी समस्या सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

प्लेटफॉर्म पर जमा पानी केवल आवाजाही में रुकावट नहीं बनता, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा देता है। कई यात्रियों ने बताया कि फिसलन की वजह से उन्हें संभलकर चलना पड़ा। भारी सामान लेकर चल रहे लोगों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल साबित हुई। रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगह पर इस तरह का जलभराव यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
सामने आई व्यवस्था की कमजोरी
रायपुर रेलवे स्टेशन पर हुए जलभराव ने एक बार फिर मानसून की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता। प्लेटफॉर्म पर पानी भरने से न सिर्फ लोगों को परेशानी हुई, बल्कि हादसे का खतरा भी बढ़ गया।
यात्रियों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन की जलनिकासी व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म पर पानी जमा न हो। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसी महत्वपूर्ण जगह पर इस तरह की स्थिति भविष्य में दोबारा न बने, इसके लिए समय रहते प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए।






