छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज, बीजेपी ने पोस्टर जारी कर कांग्रेस नेतृत्व पर कसा तंज

छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच BJP ने एक नया पोस्टर जारी कर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के सामने हाथ जोड़कर दिखाया गया है। इस पोस्टर के बाद उम्मीदवार चयन और स्थानीय चेहरे को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज, बीजेपी ने पोस्टर जारी कर कांग्रेस नेतृत्व पर कसा तंज

राज्यसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में पोस्टर वार ने नया मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर व्यंग्य करते हुए एक पोस्टर जारी किया है, जिसके सामने आने के बाद प्रदेश में उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

पोस्टर के जरिए BJP ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस के भीतर राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर सहमति आसान नहीं है। पार्टी ने इसे अंदरूनी खींचतान का संकेत बताते हुए राजनीतिक हमला बनाया है।

पोस्टर में किसे और कैसे दिखाया गया

BJP की ओर से जारी पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के सामने हाथ जोड़कर खड़ा दिखाया गया है। दृश्यात्मक प्रस्तुति के साथ संदेश भी जोड़ा गया, जिसमें कांग्रेस की निर्णय प्रक्रिया पर तंज किया गया है।

पोस्टर में यह भी संकेत दिया गया कि स्वागत और राजनीतिक सक्रियता के बावजूद अंतिम प्रभाव किसी और का रहा। इसी लाइन को BJP ने राज्यसभा उम्मीदवार चयन की बहस से जोड़ा है।

“स्वागत में गुलाब के फूल बिछाने के बावजूद भूपेश बघेल और दीपक बैज पर फूलोदेवी की ‘सोनिया सेवा’ भारी पड़ गई।”- पोस्टर में दिया गया संदेश

स्थानीय उम्मीदवार के सवाल पर BJP का रुख

इस पूरे विवाद के बीच BJP नेताओं ने राज्यसभा चुनाव के लिए स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है। पार्टी का तर्क है कि राज्य का प्रतिनिधित्व ऐसे चेहरे को मिलना चाहिए जो प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक जमीन से सीधे जुड़ा हो।

यही कारण है कि इस मुद्दे पर BJP के कुछ नेता फूलोदेवी के समर्थन में भी नजर आ रहे हैं। पोस्टर के जरिए पार्टी ने कांग्रेस के भीतर चल रही संभावित असहमति को सार्वजनिक राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

छत्तीसगढ़ की मौजूदा राजनीति में यह मामला सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं दिख रहा। राज्यसभा सीट पर नाम तय होने से पहले जिस तरह से संकेत, प्रतिक्रियाएं और सार्वजनिक संदेश सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि चुनावी गणित के साथ-साथ संगठनात्मक संतुलन भी केंद्र में है।

पोस्टर के बाद राजनीतिक बहस का नया चरण

पोस्टर जारी होने के बाद प्रदेश की सियासत में बहस दो समानांतर ध्रुवों पर खड़ी दिख रही है-पहला, कांग्रेस के अंदर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल; दूसरा, BJP का स्थानीय बनाम गैर-स्थानीय प्रतिनिधित्व का मुद्दा।

फिलहाल इस प्रकरण पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला आने तक ऐसे हमले और जवाबी प्रतिक्रियाएं आगे भी प्रदेश के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनी रह सकती हैं।

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निदेशक और संपादक

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