छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीएम ने कहा कि यह योजना श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में मदद करेगी, ताकि वे भविष्य में आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील या राजनेता बन सकें। अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना के तहत 200 बच्चों को लाभ मिलेगा।
इस योजना के तहत कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के श्रमिकों के बच्चों को प्रदेश के श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। चालू वर्ष में 100 बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के तहत दाखिला दिया गया है, जिसका पूरा खर्च श्रम विभाग वहन करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
श्रमिक बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग 70 से अधिक योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रहा है। पिछले 20 महीनों में लगभग 600 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए श्रमिकों को वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी चल रही है, जिससे उनके भविष्य को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने चयनित बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस योजना के जरिए बेहतर शिक्षा का अवसर
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चों को अब इस योजना के जरिए बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्पों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस योजना को श्रमिकों के लिए वरदान बताते हुए चयनित बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं।





