सामूहिक विवाह में बना रिकॉर्ड, 3000 दूल्हों की एक साथ बारात

सामूहिक विवाह में बना रिकॉर्ड, 3000 दूल्हों की एक साथ बारात

छिंदवाड़ा/ आज छिंदवाड़ा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 3000 जोड़े एक साथ शादी के बंधन में बंधे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ और छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ कार्यक्रम में मौजूद रहे। बता दें मुख्यमंत्री विवाह योजना अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक विवाह कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री विवाह योजना गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। कमलनाथ ने सभी जोड़ों को बधाई और आशीर्वाद दिया। कमलनाथ ने सभी जोड़ों से कहा कि आप सभी एक साथ संकल्प लें कि आप हमेशा एक साथ रहेंगे और सभी मूल्यों को अपनाएंगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मों के लोग परस्पर एकता  के साथ अपनी आगे की जिंदगी व्यतीत करेंगे। छिंदवाड़ा के सांसद नकुलनाथ ने सभी जोड़ों को आशीर्वचन दिया इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश छात्र संघ मंत्री एवं एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री भी शामिल रहे हैं साथ ही साथ कांग्रेस के कई विधायक भी कार्यक्रम में सम्मिलित रहे नकुल नाथ में सभी नए जोड़ों के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी नकुल नाथ ने कहा कि सभी जोड़े अपना नाम प्रशासन को जरूर लिखा कर जाएं क्योंकि छिंदवाड़ा का यह सामूहिक विवाह आज विश्व रिकॉर्ड की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ है जब सभी धर्मों का सामूहिक विवाह एक स्थान पर हुआ है सरकार की तरफ से सभी सामान्य जोड़ों को 51000 नगद राशि प्रदान की जा रही है वही दिव्यांग जोड़ों को 100000 की राशि मिलेगी।

 

 

 

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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