दमोह, गणेश अग्रवाल
दमोह के जिला अस्पताल से 6 कोरोना मरीजों को ठीक हो जाने के बाद डिस्चार्ज किया गया। इन मरीजों को कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। वहीं उनके ठीक हो जाने के बाद उनको सम्मान के साथ घर जाने के लिए विदा किया गया।
दमोह जिला मुख्यालय के साथ विभिन्न अंचलों से कोरोना के मरीज जिला अस्पताल में भर्ती थे। इनमें से स्वस्थ हो चुके मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। आरएमओ डॉ दिवाकर पटेल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पहलाद पटेल के साथ टीम के सभी सदस्यों द्वारा मरीजों को तालियां बजाकर विदा किया गया तथा उनका मनोबल बढ़ाया गया। इस दौरान कोरोना से ठीक हुए मरीजों को आवश्यक दवाएं भी दी गई। इन मरीजों ने जहां अस्पताल की व्यवस्थाओं की तारीफ की तो वही आरएमओ डॉ दिवाकर पटेल ने कहा कि हर तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए अस्पताल तैयार है और सभी मरीजों का यहां पर इलाज किया जा रहा है।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।