दमोह : खेत से आये, छत के सहारे नीचे उतरे, ताला तोड़ा और स्कूल की पूरी कंप्यूटर लैब उड़ा ले गए चोर, मामला दर्ज

दमोह जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कंप्यूटर लैब को अज्ञात चोरों में अपना निशाना बनाया है, चोर यहाँ से से 10 कंप्यूटर और दो प्रिंटर चोरी कर ले गए हैं।
Government Higher Secondary School Taradehi Damoh Computer Lab Theft

Government Higher Secondary School Taradehi Damoh Computer Lab Theft

दमोह के एक शासकीय विद्यालय में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है, यहाँ शातिर चोरों ने स्कूल की पूरी कंप्यूटर लैब को ही चुरा लिया और फरार हो गए, घटना को देखकर समझ आ रहा है कि चोर स्कूल के पीछे स्थित खेतों से होते हुए स्कूल  की छत पर चढ़े फिर नीचे आकर उन्होंने लैब का टाला तोड़ा और चोरी कर उसी रास्ते से फरार हो गए, प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा विकास खंड में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारादेही में बीती रात चोरी की वारदात हो गई, प्रिंसिपल स्वदेश नेमा  के मुताबिक घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब वे स्कूल पहुंचे और चपरासी ने बताया कि कंप्यूटर लैब का टाला टूटा है, जब वहां देखा तो लैब में रखे सभी 10 कंप्यूटर, दो प्रिंटर गायब थे जिसकी कीमत करीब 4 लाख 60 हजार रुपये है, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

चोरों ने केवल स्कूल की कंप्यूटर लैब को बनाया निशाना 

प्रिंसिपल नेमा ने बताया कि हमारा मेन गेट बंद था चैनल गेट पत्र भी ताला था,  जब स्टाफ ने मिलकर चैक किया तो कुछ लीड छत पर पड़ी दिखाई  दी इससे समझ आता है कि कचोर स्कूल के पीछे खेत के रास्ते छत पर चढ़े और नीचे आकर केवल कंप्यूटर लैब का ताला तोड़ा और चोरी कर भाग गए उन्होंने कहा कि स्कूल में सीसीटीवी भी हैं उन्हें भी देखा जायेगा।

पुलिस ने दर्ज किया मामला  

पुलिस ने कहा कि स्कूल में चोरी की शिकायत मिली है, प्रिंसिपल ने 10 कंप्यूटर, दो प्रिंटर आदि चोरी जाने की शिकायत की है मामला दराज कर लिया गया है जल्दी ही चोरों को गिरफ्तार किया जायेगा।  बहरहाल चोरों द्वारा सिर्फ स्कूल की कंप्यूटर लैब को चोरी करना कई संदेहों को जन्म देता है, देखना होगा कि पुलिस चोर को कब तक पकड़ती है और वो चोरी के पीछे क्या कहानी सुनाता है?

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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