नई शराब नीति पर सियासत शुरू, सुनिए क्या बोले केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते

नई शराब नीति पर सियासत शुरू, सुनिए क्या बोले केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते

दमोह। मध्यप्रदेश में नई शराब नीति पर अब सियासत शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा की कांग्रेस फिर उसी रास्ते पर आ गई है जिस रास्ते पर 15 साल पहले थी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा सार्वजनिक स्थल पर शराब की बिक्री पर रोग लगाना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार खुलेआम शराब बेच रही है। इससे प्रदेश का माहौल खराब होगा। दरअसल मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य की आबकारी नीति तय कर दी है। नई आबकारी नीति में राज्य सरकार ने प्रदेश में शराब का आधे से ज्यादा धंधा बड़े कारोबारियों को देने का प्रावधान किया है। नई आबकारी नीति लागू होने के बाद राज्य में शराब के छोटे ठेकेदार धंधे से बाहर हो जाएंगे।नई आबकारी नीति के मुताबिक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दो समूहों के पास शराब की सभी दुकानों का अधिकार होगा। मध्य प्रदेश के अन्य 12 नगर निगमों में एक ही समूह शराब का कारोबार करेगा। शराब के ठेकों का सालाना शुल्क भी 25% बढ़ा दिया गया है। भोपाल-इंदौर में विदेशी ब्रांड के शराब की दो-दो और जबलपुर-ग्वालियर में एक-एक दुकानें खोली जाएंगी।

https://www.youtube.com/watch?v=fabMyxTjdN0&feature=youtu.be

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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