अब कांग्रेस के पदाधिकारी ने कलेक्टर को बताया नादान

अब कांग्रेस के पदाधिकारी ने कलेक्टर को बताया नादान

सत्येन्द्र रावत/दतिया। कांग्रेस (congress) को सत्ता में आए सवा साल से ज्यादा होने को हो रहा है लेकिन कांग्रेसियों की अधिकारियों से पटरी कई जगह बैठती नहीं दिखाई दे रही है। खुद प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और कमलनाथ (kamalnath) के खासम खास माने जाने वाले लोक निर्माण विभाग के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) कह चुके हैं कि कमलनाथ की किचन कैबिनेट में केवल अधिकारी हैं ।इतना ही नहीं कई मंत्री अपने-अपने जिलों के या अपने प्रभार के जिलों के कलेक्टरों के बारे में मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं, विधायकों की तो गिनती ही छोड़िए। अब ताजा मामला दतिया (datia) जिले का है जहां पर प्रदेश कांग्रेस के सचिव सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर दतिया के नए कलेक्टर (colector) रोहित सिंह की शिकायत की है।  इतना ही नहीं सुनील शर्मा ने कलेक्टर को नादान कलेक्टर तक बता दिया। शर्मा का कहना है  कि कलेक्टर ना तो किसी की सुनते हैं और ना ही कोई काम काज कर रहे हैं ना ही वे माफिया (mafia) के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि पिछले सवा साल में दतिया में कुल तीन कलेक्टर अब तक बदले जा चुके हैं ।अब मुख्यमंत्री इस पत्र पर क्या संज्ञान लेते हैं और क्या दतिया को सवा साल के भीतर चौथा कलेक्टर देखना पड़ेगा ,यह तो भविष्य बताएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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