
Datia News : दतिया में शुक्रवार शाम मौसम ने एक बार फिर करवट ली। जिले में आसमान से ओलों के रूप में बरसी आफत ने एक बार फिर अन्नादाता की मुसीबत बढ़ा दी है। बसई क्षेत्र में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलें संपूर्ण रूप से चौपट हो गई है किसानों में हाहाकार मच गया है किसान बहुत ही दुखी हो गया है, ओलावृष्टि से गेहूं चना मटर सरसों आदि की फसलों को व्यापक स्तर पर हानि हुई है।
किसान है परेशान
इस दुख और संकट की घड़ी में जिला कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सत्येंद्र खरे ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि में किसानों के हर दुख दर्द में किसानों के साथ हूं तथा सरकार से मांग करता हूं की किसानों की हुई फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर तत्काल मदद कराई जाए, किसानों से हुई चर्चा में बताया कि आज तक इस प्रकार की प्राकृतिक ओलावृष्टि आपदा कभी नहीं आई। खेतों में लहलहा रही फसल ओलावृष्टि के चलते बिछ गई। इससे सरसों, मसूर, चना और मटर की फसल को नुकसान हुआ है।
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दो दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
शुक्रवार को भी बारिश से ग्रामीण अंचल में झमाझम बारिश हुई। बारिश और ओले गिरने से सरसों और मटर की फसल का फूल झड़ गया। वहीं गेहूं की फसल जलमग्न हो जाने से उसके पीला पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और राजस्थान में बने चक्रवात के चलते यह स्थिति बनी हुई है, जो 20 मार्च तक जारी रहेगी। इस कारण जिले में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी आसार बने हुए है।
दतिया से सत्येन्द्र रावत की रिपोर्ट
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