प्रशासन ने 18 दुकानें सील की,नियम तोड़ने वालों पर लगाया स्पॉट फाइन

प्रशासन ने 18 दुकानें सील की,नियम तोड़ने वालों पर लगाया स्पॉट फाइन

देवास/अमिताभ शुक्ला

देवास में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 दुकानें सील की है जिनमें कई नामी प्रतिष्ठान शामिल हैं। शनिवार को दुकानें बन्द रखने के आदेश का उल्लंघन करने पर ये कार्रवाई की गई है।

देवास जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया था कि शनिवार-रविवार को दुकानें पूरी तरह से बंद रखी जाएंगी। लेकिन शनिवार को कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए जिसके बाद आज नगर निगम और पुलिस बल के साथ मार्केट में निकले SDM प्रदीप कुमार सोनी ने करीब 18 दुकानों को सील कर दिया। साथ ही SDM ने टीआई कोतवाली एमएस परमार के साथ मिलकर एबी रोड़ पर बिना मास्क के जा रहे लोगो को रोककर प्रति व्यक्ति 100 रूपये स्पॉट फाइन भी वसूला।

इस तरह से अलग अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए करीब 18 दुकानों को सील किया गया व कुछ ही देर में अलग अलग जगहों पर बगैर फेस मास्क के घूम रहे लोगो पर प्रति व्यक्ति 100 रूपये के हिसाब से 60 से अधिक लोगो से स्पॉट फाइन वसूला। SDM प्रदीप कुमार सोनी ने बताया कि कोरोना अभी गया नही है, लेकिन लोगो के मन से कोरोना का भय और जागरूकता ज़रूर कम हो गयी है। इसी के चलते कई लोग नियमों को ताक में रख अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। ऐसे ही लोगो के खिलाफ आज कार्रवाई की गयी है,और यह आगे भी ज़ारी रहेगी। इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम का अमला और भारी पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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