
मध्य प्रदेश के देवास जिले में दीपावली से ठीक पहले खाद्य विभाग की टीम ने नयापुरा इलाके में स्थित ‘न्यू सदेसी स्वीट्स’ नाम की दुकान पर अचानक छापेमारी कर करीब 550 किलो मिलावटी और संदेहास्पद मिठाइयां जब्त की हैं।
दरअसल जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह सारी मिठाइयां मध्य प्रदेश में पूरी तरह से बैन किए जा चुके ‘एनालॉग मावे’ से बनाई जा रही थीं। मौके पर जब अधिकारियों ने रैपिड स्ट्रिप टेस्ट किया तो मावे के सैंपल फेल हो गए जिसके तुरंत बाद अफसरों ने पूरी मिठाई को सील कर दिया।
रक्षाबंधन पर भी पकड़ा गया था 1000 किलो मावा
खाद्य विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के दूसरे मिठाई दुकानदारों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन के समय भी देवास के कई ठिकानों पर छापेमारी करके लगभग 1,000 किलो घटिया मावा जब्त किया गया था। उस समय भी ‘न्यू सदेसी स्वीट्स’ दुकान पर कार्रवाई हुई थी और मामला दर्ज किया गया था। अब दोबारा वही गड़बड़ी पाए जाने पर विभाग इस दुकान का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कराने का आवेदन देने जा रहा है।
नापतोल विभाग ने भी की जांच
दुकान में सिर्फ मिठाइयों की गुणवत्ता में ही नहीं, बल्कि ग्राहकों को नाप-तौल में भी चूना लगाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद नापतोल विभाग की टीम ने दुकान के इलेक्ट्रॉनिक तराजू की बारीकी से जांच की। जांच में तराजू में काफी गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद अफसरों ने उसे तुरंत सील कर दिया। अब खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोपी दुकान संचालक के खिलाफ अपर कलेक्टर कोर्ट में नया केस दर्ज कराया जाएगा।
त्यौहार पर मिलावटखोरी से लोगों में भारी गुस्सा
दीपावली जैसे बड़े त्यौहार पर बाजार में धड़ल्ले से बिक रही नकली मिठाई को लेकर आम लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। जिस दुकान पर पहले से ही केस चल रहा हो, वहां दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में नकली और खतरनाक मावा मिलना प्रशासन की गश्त और निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो लोगों की सेहत के साथ यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा।

