देवास के मेंडकीचक गांव में सुपर कॉरिडोर के पास स्थित एक खेत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने नीलगाय के तीन बच्चों पर अचानक हमला कर दिया। कुत्तों का झुंड मासूम बेजुबानों को बुरी तरह नोचने लगा। इस हमले में दो बच्चों को आवारा कुत्ते घसीटकर अपने साथ ले गए, जबकि पास ही मौजूद किसान की सजगता से तीसरे बच्चे की जान जैसे-तैसे बचाई जा सकी।
घटना के वक्त खेत में मौजूद किसान विष्णु प्रकाश ने जैसे ही यह मंजर देखा, वे तुरंत दौड़े और कुत्तों को भगाया। किसान ने एक बच्चे को तो कुत्तों के मुंह से छीनकर सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दो बच्चों को कुत्ते ले जाने में कामयाब रहे। हमले में बचे बच्चे के शरीर पर गहरे जख्म थे और वह दर्द से कराह रहा था। इस घटना के बाद से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
गोद में उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय रहवासी संदीप भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि नीलगाय का नन्हा बच्चा गंभीर चोटों के चलते चलने में पूरी तरह असमर्थ था और उसके पैर से खून बह रहा था। संदीप ने सहृदयता दिखाते हुए बच्चे को तुरंत अपनी गोद में उठाया और खेत से सुरक्षित जगह पहुंचाया। इसके बाद किसान और स्थानीय लोगों ने मिलकर बच्चे को राहत पहुंचाने का प्रयास शुरू किया।
वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
दरअसल, बेजुबान की हालत बिगड़ती देख ग्रामीणों ने ‘युवा राधे’ सामाजिक संस्था से संपर्क किया। संस्था की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और घायल बच्चे को रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई। वन मंडल के अधिकारियों का कहना है कि नीलगाय के बच्चे का डॉक्टरी इलाज कराया जा रहा है। डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति में सुधार आने के बाद ही उसे वापस सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा।






