मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला मामले में आज बुधवार 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। दरअसल मामला इंदौर हाईकोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है जिसमें 15 मई 2026 को भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर बताते हुए हिंदू पक्ष को रोजाना पूजा की अनुमति दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में पांच अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
दरअसल मामले की सुनवाई पहले 5 और 6 अगस्त को होनी थी लेकिन उस दौरान सुनवाई नहीं हो सकी। अब 12 अगस्त की तारीख पर सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस सुनवाई को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज को लेकर प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
भोजशाला विवाद में इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
बता दें कि भोजशाला को लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच अलग-अलग दावे रहे हैं। इसी विवाद से जुड़े मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर बताते हुए हिंदू समाज को वहां रोजाना पूजा की अनुमति दी थी। मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
दरअसल मुस्लिम पक्ष की ओर से कुल पांच याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं में हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसे चुनौती दी गई है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि कोर्ट इस मामले में आगे किस तरह की कानूनी प्रक्रिया तय करता है। चूंकि मामला धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक स्थल से जुड़ा है, इसलिए सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देशों पर दोनों पक्षों के साथ प्रशासन की भी नजर रहेगी। फिलहाल भोजशाला परिसर में पूजा और शुक्रवार की नमाज को लेकर व्यवस्था कोर्ट के आदेशों के मुताबिक ही संचालित की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद बदली नमाज की व्यवस्था
वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी किया था। कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से कहा था कि मुस्लिम समाज के लिए शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था भोजशाला के पास किसी खाली जगह पर की जाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चालीस पीर दरगाह के पास उपलब्ध जमीन का विकल्प सामने रखा था। प्रशासन की ओर से वहां नमाज के लिए जगह तैयार करने की कोशिश भी की गई थी।
हालांकि मुस्लिम पक्ष ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि चालीस पीर दरगाह की जगह भोजशाला से काफी दूर है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक नमाज के लिए भोजशाला से लगी खाली जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर बाद में प्रशासन को दूसरी जगह तलाशनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला के पीछे दाहिनी तरफ स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन को शुक्रवार की नमाज के लिए तय किया गया।
पिछले दो शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने इसी जमीन पर नमाज अदा की है। दोनों मौकों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए और नमाज शांतिपूर्वक पूरी हुई। अब 12 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह साफ हो सकता है कि आने वाले शुक्रवार को नमाज की व्यवस्था इसी तरह जारी रहेगी या इसमें कोई बदलाव होगा।
14 अगस्त की नमाज पर भी रहेगी नजर
वहीं 12 अगस्त के बाद अगला शुक्रवार 14 अगस्त को है। इसलिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के आदेश का सीधा असर आगे की व्यवस्था पर पड़ सकता है। प्रशासन को कोर्ट के निर्देश के आधार पर नमाज के लिए जगह, सुरक्षा और आने-जाने की व्यवस्था तय करनी होगी।






