धार में तेंदुए का कहर: गांव में घुसकर 4 लोगों पर हमला, दहशत में घरों में दुबके ग्रामीण

धार जिले के गुजरी गांव में तेंदुए के घुसने से दहशत फैल गई। चार ग्रामीण घायल हुए, लोग घरों में कैद हो गए, वन विभाग ने घेराबंदी कर रेस्क्यू शुरू किया लेकिन तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आया।
धार में तेंदुए का कहर: गांव में घुसकर 4 लोगों पर हमला, दहशत में घरों में दुबके ग्रामीण

धार जिले के एक छोटे से गांव में अचानक ऐसा मंजर बना, जिसे देखकर हर कोई सहम गया। जंगल से निकलकर एक तेंदुआ सीधे रिहायशी इलाके में पहुंच गया। कुछ ही पलों में गांव का माहौल बदल गया और हर तरफ डर का साया छा गया।

जंगली जानवरों का आबादी वाले इलाकों में आना अब आम होता जा रहा है। लेकिन जब ऐसा होता है, तो हालात बेहद खतरनाक हो जाते हैं। धार में हुई यह घटना भी कुछ ऐसी ही रही, जहां लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों में छिपना पड़ा।

अचानक बस्ती में घुसा शिकारी

यह घटना धामनोद वन परिक्षेत्र के गुजरी गांव की डेहरिया बस्ती की है। मंगलवार को अचानक एक तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर बस्ती में घुस आया। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला। तेंदुए ने सामने आए लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। धार तेंदुआ हमला इतनी तेजी से हुआ कि लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है।

चार ग्रामीण घायल, महिला भी शामिल

इस हमले में चार लोग घायल हो गए। घायलों में महेश वास्केल, ग्यारसीलाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास डावर शामिल हैं। घटना के बाद सभी को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुजरी में भर्ती कराया गया। वहां उनका इलाज जारी है। इस दौरान वन विभाग का एक कर्मचारी भी घायल हो गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

गांव में दहशत, लोग घरों में हुए कैद

तेंदुए के हमले के बाद पूरे गांव में डर फैल गया। लोगों ने तुरंत अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा सहमे हुए नजर आए। हर कोई अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित था। धार तेंदुआ हमला के बाद गांव में सन्नाटा छा गया।

वन विभाग ने घेराबंदी कर शुरू किया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को घेर लिया गया। तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम लगातार सर्चिंग कर रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है।

ग्रामीणों को दी गई चेतावनी और सलाह

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। खासकर अकेले खेत या जंगल की ओर जाने से बचें। गांव में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। हर तरफ निगरानी बढ़ा दी गई है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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