बॉलीवुड का वो फिल्म जिसमें नजर आए थे तीन बड़े सुपरस्टार, इन दोस्ती फैंस को आई थी पसंद

बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में भी आईं हैं, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में अपनी अलग छाप छोड़ी है। ऐसी ही एक मूवी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसके लिए फैंस को लंबी लाइनों में लगना पड़ा था।
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बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में कुछ एक्टर्स ऐसे हैं, जिन्होंने जोड़ी बनाकर दर्शकों के दिलों में एक अलग पहचान बनाई है। हालांकि, वर्तमान की बात करें तो ओटीटी और मल्टीप्लेक्स ने सिनेमा घरों में फिल्म देखने का क्रेज बहुत कम कर दिया है… नहीं तो एक दौर ऐसा था जब फिल्में केवल टॉकीज में ही रिलीज हुआ करती थीं। लोग अपनी पसंदीदा कलाकारों की फिल्म देखने के लिए बेसब्री से इंतजार करते थे और टिकट खरीदने के लिए होड़ मचाया करते थे। घंटे लंबी लाइन लगने के बाद टिकट मिल पाता था। केवल इतना ही नहीं, टिकट खत्म होते ही सिनेमा घर के बाहर हाउसफुल का बोर्ड लग जाता था।

आज हम आपको एक ऐसी ही फिल्म के बारे में बताएंगे, जिसमें एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन सुपरस्टार एक साथ नजर आए थे। उस दौर में यह तीनों का ही अपना दबदबा था, ऐसे में फिल्म तो सुपरहिट होना ही था।

जीते हैं शान से

दरअसल, हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, उसका नाम जीते हैं शान से है, जो कि साल 1988 में रिलीज हुई थी, जिसमें गोविंदा, संजय दत्त और मिथुन चक्रवर्ती नजर आए थे। इन तीनों एक्टर्स की दमदार एक्टिंग ने लोगों का दिल जीत लिया था। उस ज़माने में ये फैंस के फेवरेट सुपरस्टार्स हुआ करते थे। मुंबई के हर एक टॉकीज में दो हफ्तों तक शो हाउसफुल रहे। लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती थी।

की थी शानदार कमाई

मीडिया सूत्रों के अनुसार, इस फिल्म को उस समय केवल 2 करोड़ रुपए में बनाया गया था, और बहुत ही कम समय में इसके रिलीज होते ही 8 करोड़ रुपए की शानदार कमाई कर ली थी। इस फिल्म में इन तीनों सुपरस्टार्स के अलावा मंदाकिनी और विजेता पंडित भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आई थीं। फिल्म का एक गाना जूली जूली, जॉनी का दिल तुम पर आया जूली काफी मशहूर हुआ था। इस फिल्म में दिखाई गई कहानी तीन दोस्तों की है, जिसे देखकर हमें सीख मिलती है कि सभी रिश्तों के अलावा दोस्ती-यारी का भी अपना अलग ही स्थान होता है, जो किसी खून का रिश्ता नहीं होता, बल्कि इसे लोग अपने विश्वास और अपनापन से निभाते हैं।

कहानी लोगों को आई थी पसंद

मूवी में दिखाया गया है कि तीनों दोस्त मिलकर समाज की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं, लेकिन दो दोस्तों के बीच अनबन हो जाती है। जैसा कि यह कहावत है कि दो लोगों की लड़ाई का फायदा हमेशा तीसरा व्यक्ति उठाना चाहता है, ऐसा ही कुछ इस फिल्म में भी दिखाया गया है। इसकी कहानी दर्शकों को बहुत ही पसंद आई थी, जो कि उस जमाने की सुपरहिट मूवी मानी जाती है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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