
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शुक्रवार की शाम जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में ही उसकी तबीयत अचानक काफी ज्यादा बिगड़ गई।
हालात ऐसे बन गए कि एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, लेकिन वहां तैनात स्टाफ ने घबराने के बजाय पूरी बहादुरी और सूझबूझ से काम लिया। एम्बुलेंस में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई गई, जिसके बाद महिला ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
अस्पताल ले जाते समय अचानक शुरू हुई तेज प्रसव पीड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, मुरैना जिले के जयसिंह का पुरा यानी बरेह इलाके में रहने वाली नीतू को शुक्रवार शाम करीब छह बजे अस्पताल पहुंचाया जा रहा था। परिवार वालों ने समय रहते 108 एम्बुलेंस को फोन कर दिया था ताकि समय पर अस्पताल पहुँच सकें।
लेकिन जब गाड़ी अस्पताल के रास्ते में थी तभी अचानक महिला को बहुत तेज प्रसव पीड़ा होने लगी और दर्द के मारे उनकी हालत खराब होने लगी।
ईएमटी और पायलट ने दिखाई गजब की समझदारी
रास्ते में अचानक उपजी इस इमरजेंसी स्थिति को देखकर एम्बुलेंस में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए सही फैसला लिया। एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी यानी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन संदीप और पायलट प्रदीप कुमार ने तनिक भी घबराए बिना तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे एक सुरक्षित जगह पर रोक लिया।
कुछ ही देर में गूंजी नवजात बेटी की किलकारी
दोनों कर्मचारियों ने अपनी ट्रेनिंग और अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए सभी जरूरी चिकित्सकीय सावधानियों का सख्ती से पालन किया। उनके द्वारा की गई इस तुरंत और सही कोशिश का नतीजा यह निकला कि कुछ ही पलों के भीतर एम्बुलेंस के अंदर ही एक नन्ही सी बच्ची की किलकारी गूंज उठी।

