
रायसेन जिले के ग्राम खंडेरा में एक दुर्लभ पैंगोलीन देखने को मिला। ये भटकता हुआ एक ग्रामीण के घर पहुंच गया था। इसकी बनावट को देखकर घर में रहने वाले लोग और मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीण डरे हुए दिखाई दिए। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने इसका सुरक्षित रेस्क्यू किया।
दरअसल इस पैंगोलिन को देखकर ग्रामीणों में दहशत इसलिए थी क्योंकि इसके शरीर पर अनोखे शल्क देखने को मिल रहे थे। सूचना मिलने पर तुरंत ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया था। पैंगोलिन को रेस्क्यू कर सुरक्षित रखा गया है। उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
रेडियो टैगिंग प्रक्रिया की जाएगी
पैंगोलिन का रेस्क्यू कर वन विभाग की टीम उसे अपने साथ परिक्षेत्र रायसेन पूर्व कार्यालय लेकर पहुंची। मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक से अनुमति मिलने के बाद इसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया। यहां लग विशेषज्ञ उसकी रेडियो टैगिंग करने वाले हैं। सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पैंगोलिन को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
दुर्लभ जानवर है पैंगोलिन
पैंगोलिन के बहुत ही दुर्लभ जीव है। इसे वज्रशल्क के नाम से भी पहचाना जाता है। ये स्तनधारी जीव है, जो कठोर केराटिन शल्कों की वजह से पहचाना जाता है। ये एक ऐसा जीव है जिसे अगर खतरा महसूस होता है तो ये अपने शरीर को गेंद की तरह गोल कर लेता है। वन्य विभाग अक्सर ग्रामीणों को इस तरह के जीव से दूर रहने की सलाह देते हैं। वन विभाग का कहना है कि ऐसा जीव दिखने पर इससे जितना हो सके दूर रहें।
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