
जबलपुर। धनतेरस की रात जबलपुर के गाजीनगर में 50 से ज्यादा परिवारों के सिर से छत छिन गई। गोहलपुर थाना क्षेत्र की झुग्गी बस्ती में आधी रात को लगी भीषण आग ने देखते ही देखते दर्जनों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। लोग जान बचाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को लेकर बाहर भागे। कई परिवारों की पूरी गृहस्थी और वर्षों की जमा पूंजी आग में जलकर राख हो गई। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब न सोने के लिए बिस्तर बचा है, न खाने के लिए अनाज।
350 से ज्यादा झोपड़ियों वाली बस्ती में मची अफरा-तफरी
गाजीनगर मैदान में करीब 350 से ज्यादा झोपड़ियां हैं, जिनमें कई परिवार 30 साल से भी ज्यादा समय से रह रहे हैं। आधी रात को आग लगते ही पूरी बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलने के कारण लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। परिवार किसी तरह बच्चों और अन्य सदस्यों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आग की चपेट में आए परिवार सड़क किनारे खड़े होकर अपनी आंखों के सामने घर और गृहस्थी जलते देखते रहे।

12 से ज्यादा दमकल वाहन और टैंकर आग बुझाने में जुटे
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। नगर निगम की दमकल टीम, पुलिस और एमपीबी के कर्मचारी मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। आग बुझाने के लिए 12 से ज्यादा दमकल वाहन और पानी के टैंकर लगाए गए। झोपड़ियों में रह रहे लोगों को बाहर निकाला गया। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास की झोपड़ियों को बचाने के प्रयास भी किए गए।

पहले भी दो बार लगी आग, इस बार उजड़ गए दर्जनों परिवार
आग लगने की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक इस बस्ती में पहले भी दो बार आग लग चुकी है, लेकिन दोनों बार समय रहते उस पर काबू पा लिया गया था। इस बार आग इतनी तेजी से फैली कि 50 से ज्यादा परिवारों के आशियाने जलकर खाक हो गए।
आग ने इन परिवारों के सामने रहने और खाने का संकट खड़ा कर दिया है। वर्षों से यहां रह रहे लोगों के कपड़े, बिस्तर, अनाज और घरेलू सामान सब कुछ जल गया। धनतेरस की रात घर से बेघर हुए परिवार अब अपने बच्चों के साथ सड़क किनारे खड़े हैं।
वंदना झा की रिपोर्ट

