
MP High Court Jabalpur
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने राज्यसभा सांसद तरुण चुग, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट को चुनाव याचिका में जवाब पेश करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि इस बार भी जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो उनका जवाब पेश करने का अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा। जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने बुधवार को मामले पर सुनवाई की। अगली सुनवाई 27 नवंबर निर्धारित की है।
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव याचिका दायर की है, जिसमें राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित उम्मीदवार महेश केवट के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने तीनों नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों को जवाब पेश करने का अंतिम अवसर दिया। तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में चुनाव आयोग ने राज्यसभा सदस्य के रूप में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया था।
महेश केवट का निर्वाचन निरस्त करने की मांग
मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें मध्यप्रदेश हाई कोर्ट जाने की सलाह मिली थी। इसके बाद मीनाक्षी नटराजन ने जबलपुर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर भाजपा के निर्वाचित उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की।
चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम हटाने की अर्जी
बुधवार को सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने अदालत को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी का नाम प्रकरण से हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया गया है, इसलिए वे अपना व्यक्तिगत जवाब प्रस्तुत करेंगे।
वंदना झा की रिपोर्ट
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