
जबलपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं समेत श्रीकृष्ण के भक्त धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच, मध्यप्रदेश के जबलपुर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुये राष्ट्रीय यादव महासभा ने मोर्चा खोल दिया है।
बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रीय यादव महासभा के प्रतिनिधियों ने पुलिस को शिकायत देकर शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। महासभा के नेताओं का आरोप है कि लोकप्रियता के नशे में चूर होकर शास्त्री सनातन आस्था के केंद्र भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और उनकी लीलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे करोड़ों सनातन प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
राष्ट्रीय यादव महासभा ने सौंपा ज्ञापन, FIR दर्ज करने की मांग
यादव महासभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि हिंदू परंपरा में भगवान कृष्ण और राम को एक ही शक्ति का रूप माना गया है। ऐसे में एक अवतार को दूसरे से अलग बताकर समाज में भ्रम फैलाना पूरी तरह से गलत है। इस मामले को लेकर समाज ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यादव महासभा ने चेतावनी दी गई है कि यदि इस पर सख्त कदम नहीं उठाया गया तो यादव समाज उग्र आंदोलन करेगा और उनकी कथाओं का पूर्ण बहिष्कार करेगा। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी संकल्प लिया है कि जो लोग अनजाने में उनकी कथाओं में जा रहे हैं उन्हें जागरूक कर वहां जाने से रोका जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर क्या कहा था धीरेंद्र शास्त्री ने?
जानकारी अनुसार, यह पूरा मामला 29 अक्टूबर का है जब धीरेंद्र शास्त्री ने करेरा में कथा के दौरान भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के रूपों का उल्लेख कर रहे थे। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीराम को सीधा कहा था और श्रीकृष्ण के स्वरूप और उनके खड़े होने की मुद्रा पर टिप्पणी की थी। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि उनके ठाकुरजी तीन जगह से टेढ़े हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
हालांकि, बयान के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और ठाकुर जी के भक्त हैं और उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। धीरेंद्र शास्त्री ने साफ किया कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह बात प्रेम और विनोद के भाव में कही थी।
जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
