‘अंकल धामी’ ने 8 लाख स्कूली बच्चों से की दिल की बात, दीपावली पर दी खास सीख, बच्चों के सपनों और भविष्य को लेकर भी किया संवाद

दिल की बात, अंकल धामी के साथ' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, दीपावली पर स्थानीय उत्पाद अपनाने और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील, बच्चों के सुझावों पर भी हुई चर्चा
CM Dhami Dil Ki Baat School Children

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के करीब 8 लाख स्कूली बच्चों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सीएम धामी ने बच्चों से दीपावली की तैयारियों और उनके परिवारों का हालचाल पूछा। उन्होंने त्योहारों पर साफ-सफाई और सुरक्षा का ध्यान रखने के साथ पढ़ाई, खेलकूद और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर भी बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, ताकि बच्चों को नई और उपयोगी जानकारियां मिल सकें।

दीपावली पर स्थानीय कारीगरों के बनाए दीये जलाने की अपील

बच्चों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार परिवारों को करीब लाने और अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर होते हैं। ऐसे मौकों पर घर की साफ-सफाई में परिवार की मदद करनी चाहिए और स्वच्छता को केवल त्योहारों तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की आदत बनाना चाहिए।

सीएम धामी ने बच्चों से दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने और स्थानीय कुम्हारों व कारीगरों के बनाए सामान खरीदने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदने से कारीगरों की आमदनी बढ़ती है और उनके परिवारों को भी त्योहार की खुशियों में शामिल होने का अवसर मिलता है।

पटाखों से दूर रहने और सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह

मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने बच्चों को पटाखों से दूर रहने और दीये या फुलझड़ियां जलाते समय बड़ों की देखरेख में रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते समय अपनी सुरक्षा के साथ आसपास के लोगों का ध्यान रखना भी जरूरी है।

त्योहारों के साथ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का भी जिक्र किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों से कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद, नई चीजें सीखने और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी समय निकालें। किसी भी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मेहनत और अनुशासन जरूरी है।

AI और डिजिटल तकनीक से बच्चों तक पहुंचेंगी नई जानकारियां

‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की योजना पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें AI और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों तक उपयोगी और प्रेरक जानकारियां पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से प्रदेश के दूरदराज के पहाड़ी इलाकों, गांवों और शहरों में पढ़ने वाले बच्चे एक साथ इस कार्यक्रम से जुड़ पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले आयोजित एक संवाद कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से उत्तराखंड के विकास को लेकर अपने विचार और सुझाव दिए थे। सीएम धामी ने कहा कि बच्चों के सुझाव महत्वपूर्ण हैं और उपयोगी विचारों पर भविष्य की योजनाएं तथा नीतियां तैयार करते समय भी विचार किया जाएगा।

बच्चों को समझाया ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ भी समझाया। उन्होंने कहा कि इसका मतलब अपने तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना है। जीवन में चुनौतियां आने पर घबराने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

सीएम धामी ने बच्चों को खूब पढ़ने, खेलने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, मेहनत और नई सोच उत्तराखंड के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के बच्चे अपनी उपलब्धियों से परिवार, उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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