
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने रेगुलर सेशन और विंटर सेशन स्कूलों के लिए कक्षा दसवीं और बारहवीं प्रैक्टिकल परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट की तारीख घोषित कर दी है। स्कूलों को दिशानिर्देश भी जारी किए गया हैं। इसके अलावा विषयवार अंको का विभाजन भी जारी कर दिया गया है, जिसे छात्र सीबीएसई की आधिकारिक पर जाकर चेक कर सकते हैं।
रेगुलर सेशन स्कूलों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 जनवरी 2027 से शुरू होंगी। वहीं विंटर बाउंड स्कूलों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन 9 नवंबर से लेकर 19 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। बता दें कि विंटर बाउंड क्षेत्रों में ठंड अधिक होने के कारण स्कूल बंद रहते हैं। इसलिए जनवरी में परीक्षाओं का आयोजन संभव नहीं है। इसलिए बोर्ड इन क्षेत्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए अलग शेड्यूल जारी करता है।
स्कूलों को जमा करनी होगी ये जानकारी
सीबीएसई ने बताया कि अक्सर स्कूल प्रैक्टिकल परीक्षा/प्रोजेक्ट/इंटरनल असेसमेंट के मार्क्स अपलोड करते समय गलतियां करते हैं। इसलिए परीक्षाओं का सुचारू रूप से संचालन करने के लिए सर्कुलर में एक लिस्ट भी अटैच की गई है। स्कूलों को कक्षा, विषय कोड, विषय नाम, अधिकतम अंक थ्योरी परीक्षा, अधिकतम अंकों प्रैक्टिकल परीक्षा इत्यादि जानकारी स्कूलों को देनी होगी।
विषयवार अंक विभाजन जारी
प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम 100 अंक दिए जाएंगे। बोर्ड ने थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के बीच मार्क्स अंको का विभाजन किया है। अंक विभाजन सूची से स्कूल और छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल/ प्रोजेक्ट/ इंटरनल असेसमेंट के लिए तय अधिकतम अंकों के बारे में जान सकते हैं। हर सब्जेक्ट के लिए थ्योरी एग्जाम के लिए दिए गए मैक्सिमम टाइम के बारे में पता लगा सकते हैं। ताकि वे समय में ही अपने थ्योरी एक्जाम की तैयारी कर सके। इसके अलावा स्कूल जरूरत के हिसाब से एग्जामिनर की नियुक्ति और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकते हैं।
जिन विषयों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित की जाएगी, उसका थ्योरी पेपर 70 अंकोंका होगा। वहीं प्रैक्टिकल 30 अंक का होगा। बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी समेत ऐसे विषय जिनके लिए प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी, उसका थ्योरी पेपर 80 अंक का होगा। वहीं प्रोजेक्ट या इंटरनल असेसमेंट 20 अंक का होगा।
इन बातों को भी जान लें
कक्षा दसवीं का इंटरनल असेसमेंट केवल एक बार ही आयोजित किया जाएगा। थ्योरी परीक्षा साल में दो बार होगी। स्कूलों को छात्रों की फाइनल लिस्ट तैयार करने की सलाह दी गई है। जिनका नाम ऑनलाइन LOC में जमा किया गया है, केवल उन्हें ही प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति होगी। प्रैक्टिकल परीक्षा के आखिरी दिन स्कूलों को अंकों को अपलोड करना होगा। प्रतिदिन एक से दो से तीन सेशन में प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन किया जा सकता है। स्कूलों को परीक्षा और असेसमेंट से संबंधित डेटा को सही से रिकॉर्ड करके रखने का निर्देश भी दिया गया है।

