
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से दीपावली के पावन पर्व पर एक बहुत ही सुंदर और भव्य खबर सामने आ रही है। धनतेरस के खास मौके पर शहर के दो प्रमुख मंदिरों में मां लक्ष्मी का ऐसा अद्भुत श्रृंगार किया गया कि देखने वाले देखते रह गए।
दरअसल इन दोनों मंदिरों में माता रानी के दरबार को नोटों, सोने और चांदी से बेहद शानदार तरीके से सजाया गया था। कहीं 50 लाख रुपए के नोटों से सजावट की गई तो कहीं करोड़ों की मुद्रा और सोने-चांदी के गहनों से मां का दरबार सजाया गया जिसके दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
तोप वाले बालाजी मंदिर में 50 लाख के नोटों से सजा दरबार
शहर के कोर्ट परिसर में स्थित न्यायपति तोप वाले बालाजी मंदिर में इस बार धनतेरस का नजारा बिल्कुल अलग और खास दिखाई दिया। इस प्राचीन मंदिर में महालक्ष्मी और कुबेर जी की प्रतिमाओं का बहुत ही भव्य श्रृंगार किया गया था।
मंदिर के प्रांगण को करीब 50 लाख रुपए के नोटों से सजाया गया था, जबकि सोने के गहनों से माता रानी का रूप निखारा गया था। मंदिर कमेटी के लोगों ने बताया कि इस पूरी सजावट पर कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपए का खर्च आया है।
आठ दिन की मेहनत के बाद तैयार हुआ नजारा
इस अनोखी और भव्य सजावट को तैयार करने में आयोजकों और स्थानीय लोगों को काफी मेहनत करनी पड़ी है। मंदिर के अध्यक्ष जितेंद्र गहलोत ने जानकारी दी कि इस खास सजावट की तैयारियां पिछले आठ दिनों से लगातार चल रही थीं, जो धनतेरस की रात तक पूरी हुईं। भक्तों की आस्था को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने यह तय किया है कि मां लक्ष्मी के इन अलौकिक दर्शनों की यह व्यवस्था आने वाले भाई दूज के दिन तक लगातार जारी रहेगी।
नरसिंह मंदिर में पांच करोड़ की मुद्रा और 100 किलो चांदी से हुआ महाशृंगार
मंदसौर के नरसिंहपुरा इलाके में स्थित भगवान श्री नरसिंह मंदिर में भी मां महालक्ष्मी का दरबार आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना रहा। अग्रवाल समाज देसी पंचायत की तरफ से यहां माता रानी का दरबार करीब पांच करोड़ रुपए की भारतीय मुद्रा, 100 किलो चांदी और 2 किलो सोने के आभूषणों से सजाया गया था। इस भव्य स्वरूप को तैयार करने में पूरे सात दिनों की कड़ी मेहनत लगी, जिसके बाद मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
इसी साल हुई है मां लक्ष्मी की नई प्रतिमा की स्थापना
इस नरसिंह मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में इस बार एक अलग ही उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि इस मंदिर में मां लक्ष्मी की यह प्रतिमा इसी साल स्थापित की गई है। मंदिर का नया निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहाँ पहली बार दीपावली का त्यौहार मनाया जा रहा है। समाज के करीब दो सौ परिवारों और अन्य लोगों ने मिलकर माता के इस दरबार को सजाने में अपना पूरा सहयोग दिया है।
भक्तों ने बताया अलौकिक अनुभव
नोटों और सोने-चांदी से सजे इन दोनों मंदिरों के दिव्य रूपों को देखकर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु पूरी तरह मंत्रमुग्ध नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भव्य नजारा पहले कभी नहीं देखा था। आयोजकों के मुताबिक, 6 नवंबर धनतेरस से शुरू हुए इन दर्शनों का सिलसिला 10 नवंबर भाई दूज तक चलेगा ताकि शहर और आसपास से आने वाला हर एक भक्त माता के इन अनोखे स्वरूप के दर्शन कर सके।

