कटनी में रेलवे अधिकारी 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI ने बिछाया जाल, 500 के 90 नोट लेकर पहुंची थी टीम

जबलपुर की CBI एंटी करप्शन ब्रांच की टीम ने कटनी में रिश्वतखोरी के मामले में रेलवे अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद उनसे पैसे मांगने का आरोप है।
कटनी में रेलवे अधिकारी 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI ने बिछाया जाल, 500 के 90 नोट लेकर पहुंची थी टीम

जबलपुर की CBI एंटी करप्शन टीम ने कटनी में रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दरअसल आरोपी अजयवीर सिंह न्यू कटनी जंक्शन में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता इलेक्ट्रिक-एम के पद पर तैनात है। ठेकेदार की शिकायत पर CBI ने यह कार्रवाई 5 नवंबर की रात की। आरोपी को शुक्रवार 6 नवंबर को CBI कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि अधिकारी ने प्रति कर्मचारी 1,500 रुपए की मांग की थी। इसी आधार पर कुल 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद CBI ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की। गिरफ्तारी के बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपी का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे जबलपुर की CBI कोर्ट में पेश किया गया।

ठेकेदार ने CBI को दी जानकारी

जानकारी के मुताबिक कटनी के श्याम मुखर्जी वार्ड निवासी शशांक कुशवाहा ने रेलवे अधिकारी अजयवीर सिंह के खिलाफ CBI में लिखित शिकायत की थी। शशांक रेलवे में ठेकेदार हैं और उनके कई कर्मचारी स्टेशन पर काम करते हैं। शिकायत में बताया गया कि कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद आरोपी अधिकारी ने प्रति कर्मचारी डेढ़-डेढ़ हजार रुपए देने की मांग की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से कुल 45 हजार रुपए मांगे गए थे। अधिकारी की इस मांग से परेशान होकर शशांक कुशवाहा ने CBI की एंटी करप्शन ब्रांच जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की। वहीं 4 नवंबर को CBI के उप निरीक्षक आयुष कुमार ने स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया। इस दौरान अधिकारी की ओर से 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद 5 नवंबर की रात CBI एसीबी जबलपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया।

कटनी पुलिस लाइन में तैयार हुई ट्रैप की योजना

वहीं शिकायत की पुष्टि होने के बाद CBI ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। इसके लिए कटनी पुलिस लाइन में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारी की गई। शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा ने 500 रुपए के 90 नोट उपलब्ध कराए। इन सभी नोटों की कुल रकम 45 हजार रुपए थी। इसके बाद CBI टीम ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक तेजराम कुशवाहा आरोपी अजयवीर सिंह के पास पहुंचे। CBI के मुताबिक अधिकारी ने उनसे 45 हजार रुपए की मांग की और रकम स्वीकार कर ली। दरअसल रिश्वत की रकम दिए जाने के बाद तय संकेत मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। CBI अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से 45 हजार रुपए बरामद कर लिए। इस तरह 500 रुपए के सभी 90 नोट रिश्वत की रकम के रूप में बरामद किए गए।

12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

CBI ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी अजयवीर सिंह को हिरासत में लेकर जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की। उसे गिरफ्तारी के आधार भी बताए गए। इसके बाद सरकारी अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। शुक्रवार 6 नवंबर को आरोपी को जबलपुर की CBI कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अजयवीर सिंह को 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी न्यू कटनी जंक्शन में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता इलेक्ट्रिक-एम के पद पर पदस्थ है।

वंदना झां, जबलपुर

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