विकसित भारत का पहला पड़ाव होगा उत्तराखंड, अमित शाह बोले- UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे 15 राज्य

उत्तराखंड राज्योत्सव में अमित शाह का बड़ा बयान, 15 राज्यों के UCC की दिशा में आगे बढ़ने का दावा, प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और सीमावर्ती विकास पर भी बोले गृह मंत्री
Amit Shah

देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के विकास और समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड होगा। शाह ने दावा किया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद अब देश के 15 अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार से जुड़े आंकड़े सामने रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कामकाज की सराहना की।

राज्योत्सव समारोह में अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1475 करोड़ रुपये की 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के साथ विभिन्न हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान तथा बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए।

उत्तराखंड की तर्ज पर UCC लागू करने की तैयारी में 15 राज्य

अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने देश में सबसे पहले इसे धरातल पर लागू किया। उनके मुताबिक UCC लागू होने के बाद अब कोई चार शादियां नहीं कर पाएगा और न ही तीन तलाक दे पाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहल के बाद 15 राज्य अपने यहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

गृह मंत्री ने प्रदेश के नकल विरोधी कानून की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सख्त कानून बनने से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को सजा दिलाने में आसानी हुई है। शाह के अनुसार, इसके बाद राज्य में 35 हजार युवाओं को बिना सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून को भी राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।

अर्थव्यवस्था में 50 प्रतिशत वृद्धि और एक लाख करोड़ से ज्यादा निवेश का दावा

उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में प्रदेश की जीएसडीपी में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

गृह मंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने कम समय में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने प्रदेश में तीन लाख से अधिक लखपति दीदियां होने और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों होम स्टे संचालित होने का भी उल्लेख किया।

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर बोले शाह, चीन को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना

उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले चीन के डर से सीमावर्ती इलाकों का विकास बाधित रखा गया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन क्षेत्रों तक सड़कों का विस्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब भारत की सीमा में घुसने का प्रयास करने वालों को सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से जवाब दिया गया है। गृह मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी भी दी।

उत्तराखंड में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे के साथ सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध परियोजनाओं का जिक्र किया।

महिलाओं को आरक्षण, शहीद सैनिकों के परिवारों की सहायता राशि बढ़ाने का उल्लेख

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। किच्छा में एम्स का सैटेलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है।

अपने संबोधन में शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब उत्तराखंड को संवारने का काम कर रहे हैं। राज्योत्सव को उन्होंने गौरव, सिद्धि और संकल्प का अवसर बताया। उनके मुताबिक उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण का संरक्षण करते हुए विकास को आगे बढ़ाना जरूरी है।

गृह मंत्री ने वीरांगना तीलू रौतेली, वीर माधो सिंह भंडारी, दरबान सिंह नेगी, गबर सिंह नेगी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और जनरल बिपिन रावत का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत के योगदान का भी जिक्र किया। शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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