उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस निशान, अमित शाह ने किया सम्मानित, देश का 16वां राज्य बना उत्तराखंड

देहरादून में अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया, मई 2027 के बाद दर्ज मामलों में तीन साल के भीतर सजा दिलाने का लक्ष्य भी बताया
Uttarakhand Police President Police Colour

Uttarakhand Police President Police Colour

उत्तराखंड पुलिस के 25 वर्षों के सफर में शुक्रवार को एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देहरादून की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान (President’s Police Colour) से अलंकृत किया। यह सम्मान पाने वाला उत्तराखंड देश का 16वां राज्य बन गया है। राज्य गठन के बाद पुलिस बल की सेवाओं, अनुशासन और कामकाज को मिली इस राष्ट्रीय मान्यता के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी समारोह में शामिल हुए। अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों को पदक भी प्रदान किए।

राष्ट्रपति पुलिस निशान किसी पुलिस बल को उसकी लंबे समय की उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। उत्तराखंड पुलिस के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में चारधाम यात्रा, कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन, दुर्गम पहाड़ी इलाकों की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य पुलिस की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं।

मई 2027 के बाद दर्ज होने वाले मामलों में तीन साल के भीतर सजा दिलाने का लक्ष्य

समारोह में अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर से संबंधित मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, न्यायालय और अभियोजन सहित न्याय व्यवस्था से जुड़े विभागों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर काम चल रहा है।

गृह मंत्री के अनुसार, जांच में फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से आपराधिक मामलों की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना है। हालांकि, तीन वर्ष की समयसीमा को उन्होंने लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है।

13 हजार से बढ़कर 26 हजार से अधिक हुआ पुलिस बल

उत्तराखंड राज्य के गठन के समय पुलिस बल में करीब 13 हजार जवान थे। अब यह संख्या 26 हजार से अधिक हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य बनने के समय उत्तराखंड में 96 थाने और 42 पुलिस चौकियां थीं। उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया, जो अब लगभग 14 प्रतिशत है।

धामी ने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक कंचन चौधरी भट्टाचार्य को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड पुलिस का नेतृत्व किया था। अमित शाह ने कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों के 37 पदक जीतने की भी सराहना की।

चार साल में सात हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां, 307 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का ब्योरा भी दिया। उन्होंने बताया कि ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में सात हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

बच्चों से जुड़े पुलिस अभियानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन स्माइल के जरिए गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने और ऑपरेशन मुक्ति के माध्यम से भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश में स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में काम चल रहा है। नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की भी तैयारी है।

पांच पुलिस अधिकारियों को पदक, विशेष डाक आवरण जारी

समारोह में अमित शाह ने विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया। सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक अभिसूचना सौहकार पुण्डीर को पदक प्रदान किए गए।

अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया।

गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, नशे के खिलाफ कार्रवाई और साइबर अपराधों की रोकथाम में उत्तराखंड पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए सीमांत गांवों के विकास और पलायन रोकने के प्रयासों की भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान को उत्तराखंड पुलिस की सेवा और साहस की राष्ट्रीय मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस बल की जिम्मेदारियों को और बढ़ाता है तथा भविष्य में बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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