Wed, Jan 7, 2026

क्या आपने देखी है साउथ की 8.6 IMDb रेटिंग वाली ये कॉमेडी फिल्म? कमल हासन और आर. माधवन के बन जाएंगे फैन!

Written by:Rishabh Namdev
Published:
साउथ की एक्शन थ्रिलर और कॉमेडी फिल्में अक्सर लोगों को पसंद आती हैं। अगर आप भी इन्हीं में से हैं तो आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताएंगे, जिसमें कमल हासन और आर. माधवन नजर आते हैं। इन दोनों की एक्टिंग कमाल की है और कहानी भी आपको बेहद मजेदार लगेगी।
क्या आपने देखी है साउथ की 8.6 IMDb रेटिंग वाली ये कॉमेडी फिल्म? कमल हासन और आर. माधवन के बन जाएंगे फैन!

क्या आप भी साउथ की फिल्में देखना पसंद करते हैं? अगर आप खासकर कॉमेडी फिल्में देखना पसंद करते हैं तो आपके लिए यह खबर शानदार है। दरअसल आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जिसे देखने के बाद आप साउथ की कई अन्य फिल्मों को भूल जाएंगे। यह एक कॉमेडी फिल्म है, जिसमें कमल हासन और आर. माधवन ने कमाल की एक्टिंग की है और इसे IMDb पर 8.6 की रेटिंग मिली है। इस फिल्म को कल्ट क्लासिक भी माना जाता है।

हालांकि जिस फिल्म के बारे में हम बात कर रहे हैं, वह थोड़ी पुरानी है, लेकिन इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक दर्शनात्मक फिल्म भी माना जाता है। इस फिल्म की कहानी खुद कमल हासन ने लिखी है, जबकि इसका निर्देशन सुंदर सी. ने किया है।

क्या है इस फिल्म का नाम?

जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं उसका नाम ‘अन्बे शिवम’ है। इस फिल्म के नाम का अर्थ है “प्रेम ही ईश्वर है”। दरअसल इस फिल्म में दो अलग-अलग किरदारों की कहानी दिखाई गई है, जो एक सफर के दौरान मिलते हैं। एक किरदार कमल हासन ने निभाया है, जिसका नाम नल्ला शिवम है, जबकि दूसरा किरदार आर. माधवन ने निभाया है, जिसका नाम अनवरशु है। नल्ला शिवम उम्र में बड़ा, बुद्धिमान और नास्तिक होता है, जबकि अनवरशु उम्र में छोटा, घमंडी और आस्तिक होता है। दोनों भुवनेश्वर से चेन्नई की यात्रा कर रहे होते हैं। खराब मौसम और ट्रेन छूटने के कारण दोनों को साथ रहना पड़ता है और यहीं से फिल्म की असली कहानी शुरू होती है।

क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?

अगर आपके मन में सवाल है कि यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए, तो बता दें कि इस फिल्म को आप कमल हासन और आर. माधवन की शानदार एक्टिंग के लिए तो देख ही सकते हैं। साथ ही इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी है। इस फिल्म का क्लाइमेक्स बेहद शानदार है, जो आपको रुला सकता है। इस फिल्म को देखने के बाद आप भगवान को मंदिर, मस्जिद में नहीं बल्कि दूसरे इंसान की मदद और प्रेम में ढूंढेंगे। यह फिल्म साल 2003 में रिलीज हुई थी। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म फ्लॉप हो गई थी और उस समय क्रिटिक्स ने भी इसे ज्यादा अच्छी रेटिंग नहीं दी थी, लेकिन जब यह फिल्म टीवी और इंटरनेट पर आई तो लोगों ने इसे खूब प्यार दिया। धीरे-धीरे यह फिल्म कल्ट क्लासिक बन गई और आज इसे तमिल सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है।