
इंटरनेट आने के बाद बॉलीवुड (बकैती) से लेकर हॉलीवुड, बच्चों की जिंदगी से लेकर बुजुर्गों के जीवन में बहुत ही बड़ा बदलाव आया है। पहले लोग लंबी लाइन में बैंकों के बाहर खड़े होकर अकाउंट से पैसे निकालने का इंतजार किया करते थे, वही टेक्नोलॉजी विकसित होने के बाद अब लोग एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं। सुविधा इतनी अधिक लॉन्च की जा चुकी है कि घर बैठे लोग पैसों का आदान-प्रदान कर देते हैं। वही बात करें हिंदी फिल्म जगत की, तो यहां पर पहले टिकट खरीदने के लिए फैंस मारामारी करते थे, लेकिन अब लोग ऑनलाइन पेमेंट करके घर बैठे टिकट बुक कर लेते हैं।
पहले फिल्म हो या फिर धारावाहिक… टेलीविजन पर ही प्रसारित होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह से बदल चुका है। ऑनलाइन इतने सारे प्लेटफॉर्म्स आ चुके हैं, जहां नई-नई वेब सीरीज रिलीज हो रही है।
बकैती
पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल क्राईम थ्रिलर वेब सीरीज बनाई जाती थी, लेकिन पंचायत, गुल्लक, यह मेरी फैमिली जैसे शो को रिलीज किया गया जिससे यह पता चला कि मिडिल क्लास फैमिली से जुड़ी कहानियां यहां पर लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। ऐसी ही एक कहानी Zee5 एप पर प्रसारित की जा रही है। इस वेब सीरीज का नाम बकैती है। यह बिल्कुल मिडिल क्लास फैमिली पर आधारित कहानी है, जिसमें छोटी-छोटी खुशियां, प्रॉब्लम्स, भाई बहन की नोकझोंक, माता-पिता का प्यार, फैमिली में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, पड़ोसी, वर्क कल्चर आदि के बारे में दिखाया गया है। इस शो में शीबा चड्ढा मुख्य रोल निभा रही हैं। इस वेब सीरीज में उन्होंने सुषमा का किरदार निभाया है।
किरदार को लेकर की बातचीत
हाल ही में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्मी करियर और उससे जुड़े किरदारों के बारे में खुलकर बातचीत की है। अभिनेत्री ने अपनी राय देते हुए बताया कि फैंस हमेशा उन्हीं चीजों को देखना पसंद करते हैं, जो उनके इर्द-गिर्द होती हैं, जो असल मायनों में उनके जीवन से कहीं ना कहीं रिलेट कर रही होती हैं।
आगे उन्होंने बताया कि हर किसी के दिमाग में पहले से ही जटिल चीजें चलती रहती हैं, ऐसे में जब उन्हें सिंपलीसिटी वाले शो देखने को मिल जाए, तो उन्हें यह काफी ज्यादा पसंद आता है। यही कारण है कि उन्होंने कटारिया परिवार की कहानी में लीड रोल निभाने के मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। इस कहानी में गाजियाबाद के एक परिवार की लाइफ स्टाइल को दिखाया गया है, जिसमें यह दर्शाया जाता है कि आखिर परिवार में दिक्कतें कैसे शुरू हुई हैं।
इस अभिनेता संग आई नजर
इस शो में अभिनेता राजेश तेलंग के साथ स्क्रीन पर नजर आ रही हैं। दोनों ही कलाकारों का बैकग्राउंड थिएटर से जुड़ा हुआ है। उनकी केमिस्ट्री भी लोगों को पसंद आई है क्योंकि इससे पहले वह बंदिश बैंडिट्स में नजर आ चुके हैं। ऐसे में एक्ट्रेस शिवा का कहना है कि अभिनय में सह कलाकार के साथ सामंजस्य होना बहुत जरूरी है। यदि पहले से ही वह उस कलाकार के साथ काम कर चुके हैं, तो इसका फायदा उन्हें जरूर मिलता है।
थिएटर और कैमरा में अंतर
थिएटर और कैमरा के सामने काम करना कितना मुश्किल है, इस पर शीबा कहती हैं कि दोनों की तुलना ही नहीं की जा सकती है क्योंकि कैमरे के सामने कुछ भी चीज हो, वह तुरंत नजर आता है। इस दौरान की गई गलतियां भी तुरंत पकड़ में आ जाती हैं, इसलिए बहुत ही संभल कर परफॉर्मेंस देना पड़ता है। छोटी सी चूक हमेशा के लिए कैमरे में कैद हो जाती है और यह कई बार हंसी का पात्र भी बन जाती है। कैमरे के सामने एक्टिंग करना बहुत मुश्किल है। इतनी सारी लाइट्स के बीच, इतने सारे लोगों के बीच शॉट देना बहुत ही चैलेंजिंग काम है।
वहीं, थिएटर में सब कुछ रियल होता है। इसका यह अर्थ है कि रियल टाइम पर वहां हम एक्टिंग कर रहे होते हैं। दर्शकों की भीड़ को अनदेखा करते हुए हम अपने आप को अच्छा प्रूफ करने में लगे होते हैं। हम अपनी कहानी, अपने किरदार में इतना अधिक खो जाते हैं कि बस हमें अपना शो दिखाई देता है। हालांकि दोनों ही प्लेटफॉर्म काफी अलग-अलग हैं, लेकिन शुरुआत अगर थिएटर से हो तो आगे चलकर कलाकारों को भविष्य में मजबूती मिलती है।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

