मलयालम के खलनायक Meghanathan का निधन, 60 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, शोरनूर में होगा अंतिम संस्कार

मलयालम फिल्मों की बात हो और खलनायक का नाम लिया जाता है, तो आंखों में मेघनाथन की तस्वीर अपने आप उभर कर सामने आती है, क्योंकि उन्होंने खलनायक के किरदार को काफी अलग तरीके से पेश किया था।
Meghanathan Passes Away

Meghanathan Passes Away : मलयालम के दिग्गज अभिनेता मेघनाथन ने 60 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले काफी दिनों से वह फेफड़ों की बीमारी से परेशान चल रहे थे। जिसका इलाज कोझिकोड के बेबी मेमोरियल हॉस्पिटल में हो रहा था, जहां उन्होंने आज सुबह करीब 2 बजे दम तोड़ दिया। इससे पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार, एक्टर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव शोरनूर में होगा। इस खबर को सुनने के बाद सभी लगातार अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

एजुकेशन मिनिस्टर ने दी श्रद्धांजलि (Meghanathan Passes Away)

केरल जनरल एजुकेशन मिनिस्टर वी शिवनकुट्टी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अभिनेता की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “प्रतिभा के धनी कलाकार, जिसने खलनायक के किरदार को एक नया रूप दिया, उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि!”

खलनायक का किरदार

बता दें कि मलयालम फिल्मों की बात हो और खलनायक का नाम लिया जाता है, तो आंखों में मेघनाथन की तस्वीर अपने आप उभर कर सामने आती है, क्योंकि उन्होंने खलनायक के किरदार को काफी अलग तरीके से पेश किया था। इस नए रूप को हर किसी ने पसंद किया। आज उन्हें लोग खलनायक के तौर पर ही देखते हैं।

फैमिली बैकग्राउंड

अभिनेता के परिवार की बात करें, तो उनका जन्म केरल के तिरुवंतपुरम में हुआ था। उनके पिता अभिनेता बालन के. नायर थे। जिन्हें ‘ओप्पोल’ फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह फिल्म साल 1981 में रिलीज हुई थी और मां शारदा नायर थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कोयंबटूर से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। फिर उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। चूंकि, परिवार में पहले ही पिता अभिनेता थे इसलिए इंडस्ट्री में उन्हें ज्यादा स्ट्रगल करना नहीं पड़ा था, लेकिन वह अपने किरदार के लिए पुरे इमानदार थे। मेहनत और लग्न से उन्होंने फैंस के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। इस दौरान उनकी शादी सुष्मिता से हुई और दोनों को एक बेटी है। जिसका नाम उन्होंने पार्वती रखा।

फिल्मी करियर

एक्टर के फिल्मी करियर की बात करें, तो उन्होंने 1983 में इंडस्ट्री में अपने कदम रखे थे। उनकी पहली फिल्म ‘अस्त्रम’ थी। लगभग 3 दशकों में उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया और सभी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि, अगर उनकी किसी छवि ने फैंस को अपना दीवाना बनाया है, तो वह उनकी खलनायक की भूमिका रही है। इनमें से ‘पंचाग्नि’, ‘चमयम’, ‘राजधानी’, ‘भूमिगीतम’, ‘चेनकोल’, ‘मलप्पुरम’, ‘हाजी’, ‘महानया जोजी’, ‘प्रायिक्कारा पप्पन’, ‘उदयनपालकम’, ‘ई पुझायम’, ‘कदन्नु’ और ‘वास्तवम’ शामिल है। इसके अलावा, मेघनाथन ने टेलीविजन पर भी अपनी किस्मत आजमाई थी।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
Follow Us :GoogleNews