100 देशों में बैन की गई ये कंट्रोवर्शियल फिल्म, खौफनाक सीन देख कांप गई थी दर्शकों की रूह

दर्शकों के मनोरंजन के लिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एक से बढ़कर एक फिल्में रिलीज करती है। इनमें से कुछ फिल्में तो पसंद की जाती है लेकिन कुछ को बैन करने की मांग भी उठ जाती है। आज हम आपको एक ऐसी ही कंट्रोवर्शियल फिल्म के बारे में बताते हैं।
Most controversial Film

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री दर्शकों के मनोरंजन के लिए एक से बढ़कर एक फिल्में बनाती है। यह फिल्में कॉमेडी से लेकर एक्शन, रोमांस, फैमिली ड्रामा, सस्पेंस और थ्रिलर सभी से भरपूर होती है। जब इन्हें रिलीज किया जाता है तो कुछ फिल्मों को लेकर कंट्रोवर्सी भी क्रिएट होती है।

आपके दिमाग में कई ऐसी फिल्में होंगी जिनकी कहानी की जानकारी सामने आने के बाद रिलीज से पहले ही इन्हें बैन करने की मांग की गई। वहीं कुछ फिल्म ऐसी भी हैं जिनमें कुछ सीन देखने के बाद लोग सीन डिलीट करने या फिल्म को बैन करने की मांग करने लगे। आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताते हैं जिसे रिलीज होने के बाद एक दो या 10 नहीं बल्कि 100 देश में बैन कर दिया गया था। इतना ही नहीं इसके डायरेक्टर को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

100 देशों में बैन हुई थी फिल्म (Most Controversial Film)

हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं उसका नाम ‘सालो और 120 डेज ऑफ सोडम’ है। यह इतिहास की सबसे कंट्रोवर्शियल फिल्मों में से एक है। इसे इसी नाम के एक उपन्यास पर बनाया गया था। 1975 में रिलीज हुई इस फिल्म में दूसरे विश्व युद्ध के समय इटली में जो घटनाएं हुई है वह बैकग्राउंड दिखाया गया है। फिल्म की कहानी में 18 जवान लोगों का किडनैप बताया गया है। कुछ लोग उन्हें बहुत बुरी तरीके से मानसिक और शारीरिक यातना देते हैं। इस फिल्म के सीन काफी ज्यादा डरावनी और बोल्ड थे। न्यूड सीन के साथ इसमें हिंसा भी साफ तरीके से दिखाई गई थी।

इन देशों ने कर दिया था बैन

इस फिल्म में जो सीन दिखाए गए थे उसे देखने के बाद किसी की भी रूह थर-थर कांप सकती है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया इटली न्यूजीलैंड भारत फ्रांस जैसे लगभग 100 देशों ने इसे बैन कर दिया था। इसके बारे में यह कहा जाता था कि कागज पर तो यह ठीक लग सकती है लेकिन स्क्रीन पर इतनी ज्यादा घिनौनी हो जाएगी सोच नहीं सकते। यह इंसानियत को नीचे ले जाती है।

डायरेक्टर को गंवानी पड़ी जान

इस फिल्म से जुड़ी जो जानकारी मिलती है। उसके मुताबिक जब यह रिलीज हुई तो तमाम देशों में इसमें दिखाई गई घटनाओं का विरोध किया गया और इसे बैन करने की मांग की गई। इतना ही नहीं रिलीज होने के कुछ दिनों बाद इसके डायरेक्टर की हत्या कर दी गई थी। यह हत्या बहुत बेरहमी से हुई थी और आज तक इस मौत का सच किसी के भी सामने नहीं आ पाया है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews