Netflix की इन थ्रिलर से भरी फिल्मों को देख चकरा जाएगा दिमाग, सस्पेंस से भरी है इनकी कहानी

नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए कई सारी कहानी मौजूद है। अगर आप थ्रिलर देखने के शौकीन है तो हम आपके लिए कुछ फिल्मों की लिस्ट लेकर आए हैं। इनकी शानदार कहानी आपका दिमाग घुमा कर रख देगी।
Netflix

नेटफ्लिक्स एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां दर्शकों की मनोरंजन के लिए एक से बढ़कर एक फ़िल्में और वेब सीरीज मौजूद है। बड़े पर्दे पर आने वाली हर ब्लॉकबस्टर फिल्म के ओटीटी राइट्स नेटफ्लिक्स के पास देखने को मिलते हैं। फैंस भी इसी इंतजार में रहते हैं कि उन्हें कब फिल्म ऑनलाइन देखने को मिलेगी। लगभग हर जॉनर की फिल्में आपको इस प्लेटफॉर्म पर देखने को मिल जाएगी।

हर तरह की फिल्मों के अपने दर्शक होते हैं। किसी को लव स्टोरी रोमांटिक फिल्में देखना अच्छा लगता है तो कोई कॉमेडी और एक्शन का शौकीन होता है। बहुत से लोग माइथोलॉजिक पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सस्पेंशन थ्रिलर से भरपूर कहानी देखना अच्छा लगता है। आज हम आपके लिए नेटफ्लिक्स पर मौजूद कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारे में जानकारी लेकर आए हैं। इन फिल्मों को देखने के बाद आपका दिमाग चकरा जाएगा।

एनोला होम्स

ये एक ऐसी फिल्म में जिसमें एक लड़की अपने 16 वें बर्थडे पर डिटेक्टिव बन जाती है। वो ये खेल में नहीं बल्कि अपनी मां को ढूंढने के लिए करती है। इस दौरान उसे कुछ खतरनाक चीजों का सामना भी करना पड़ता है। मां को ढूंढते हुए वह लंदन पहुंचती है और एक अपहरण के केस में फंस जाती है। इसके बाद एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा होता है जो सबको हैरान कर देता है।

लॉस्ट गर्ल्स

ये नादिया मुराद की सच्ची कहानी है। आईएसआईएस के आतंक से वो जैसे तैसे बच निकलती है। यहां से निकल कर वह नरसंहार और गुलामी के खिलाफ आवाज उठाती है। बहादुरी के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा गया है। ये पूरी कहानी इस सीरीज में दिखाई गई है।

वेलवेट बजसॉ

यह आर्ट की फील्ड से जुड़ी हुई एक कहानी है। ये लोगों के लालच, कला की दुनिया में नैतिकता के पतन और कई चीजों को दिखाने का काम करती है। इस फिल्म में एक व्रत कलाकार के रहस्य में चित्र सामने आते हैं। इसके बाद उन चित्रों में मौजूद लोगों की भयानक मौत होने लगती है। पूरी कहानी भूतिया साये के इर्दगिर्द घूमती है।

द वूमेन इन द विंडो

ऐजे फिन के उपन्यास पर आधारित यह फिल्म एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिस भीड़ से डर लगता है और वक्त अकेले रहना पसंद करती है। कहानी में मोर तब आता है जब अपनी खिड़की से पड़ोसियों को देखते हुए हत्या की गवाह बन जाती है। पुलिस के आने के बाद सब कुछ अलग होता है और जिस महिला का मर्डर होता हुआ दिखता है वो जिंदा निकलती जिसे सवाल उठने लगते हैं कि महिला की मानसिक स्थिति क्या है। वह खुद भी सोच में पड़ जाती है कि उसने सच देखा है या फिर सब कुछ उसकी कल्पना है।

द वंडर

एम्मा डोनोग्यू के उपन्यास पर आधारित ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जो बिना खाए चमत्कारी रूप से जीवित है। इस लड़की का ख्याल रखने के लिए एक नर्स को बुलाया जाता है। ये मामला विज्ञान और आस्था के बीच एक मनोवैज्ञानिक संघर्ष शुरू करता है।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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