
Railway Employees Bonus 2023: रेलवे कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज है। जल्द ही कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा मिलने वाला है। खबर है कि रेल मंत्रालय ने केन्द्र सरकार को 78 दिनों के बोनस का प्रस्ताव भेज दिया है, जिस पर दिवाली से पहले मुहर लगाई जा सकती है। माना जा रहा है कि दशहरे के बाद कर्मचारियों को बोनस की राशि खाते में भेजी जा सकती है। बता दे कि पिछले साल 2022 में केन्द्र सरकार ने कर्मचारियों को 1832 करोड़ रुपये का दिवाली बोनस बांटा था, इसके तहत 11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के हिसाब से 17951 रुपये का दिवाली बोनस दिया गया था।
मंत्रालय ने भेजा सरकार को प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के जोनल सचिव का कहना है कि फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री से हुई बातचीत में रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 78 दिनों के बोनस का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है, जल्द ही बोनस की घोषणा हो जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया है कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य वित्त से मिलकर अधिक बोनस देने का आग्रह किया था, लेकिन रेलवे बोर्ड ने कहा कि अब ऐसा संभव नहीं है क्योंकि 78 दिनों के बोनस का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इसके मंजूरी मिलते ही प्रत्येक रेलकर्मी को बोनस के रूप में 17951 रुपये मिलेंगे।इससे धनबाद रेल मंडल के लगभग 22000 कर्मचारियों को लाभ होगा, इसके लिए तकरीबन 40 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित होगा। सरकार की स्वीकृति मिलते ही बोनस की राशि कर्मचारियों के खाते में पहुंच जाएगी।
फेडरेशन ने लिखा था पत्र, राशि बढ़ाने की मांग
दरअसल, दिनों भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने रेलवे को पत्र लिखकर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को बढ़ाने की मांग की है ।फेडरेशन ने कहा था कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें काफी पहले लागू की जा चुकी हैं, लेकिन कर्मचारियों को परफॉर्मेंस लिक्ड बोनस का भुगतान छठे वेतन आयोग में निर्धारित न्यूनतम वेतन के आधार पर किया जा रहा है, लेकिन इस बार बोनस भुगतान भी नई सिफारिशों के आधार पर हो।
बता दे कि बीते साल छठे वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन केवल 7000 रुपये दिया गया था, जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया। ग्रुप सी और ग्रुप डी के सभी कर्मचारियों को केवल 17,951 रुपये मिलते हैं, जिसकी गणना न्यूनतम मासिक वेतन 7000 रुपये के आधार पर की जाती है लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत न्यूनतम वेतन मानते हुए इसे बढ़ाकर 46,159 रुपये किया जाए।
ऐसे तय होती है बोनस की राशि
गौरतलब है कि रेलवे अपनी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने और सिक्योरिटी को सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों (Group C और Group D) को हर साल PLB का भुगतान करती है, जो उनके 78 दिनों के वेतन के बराबर होती है।इसकी गणना सबसे निचले ग्रेड (ग्रुप डी) के कर्मचारियों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन के आधार पर की जाती है।इसमें छठे वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन 7000 है, इसके आधार पर 78 दिन का बोनस करीब 18 हजार रुपये है। यह बोनस नॉन-गजटेड एम्पलाईज को मिलता है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

