
7th pay Commission, NPS Review Committee : कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है। वित्त मंत्रालय द्वारा NPS की समीक्षा के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। दरअसल देश में पुरानी पेंशन योजना की मांग तेज हो गई है। पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर कर्मचारी उग्र हो रहे हैं। इस बीच अब एनपीएस में सुधार और पेंशन सिस्टम की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया गया है। इसकी घोषणा निर्मला सीतारमण द्वारा की गई थी।
वित्त मंत्रालय द्वारा सरकारी कर्मचारी के पेंशन सिस्टम की समीक्षा के लिए समिति का गठन वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में किया जाएगा। समिति कई मामलों की समीक्षा करेगी। वही सुझाव देगी कि क्या शासकीय कर्मचारियों पर लागू नेशनल पेंशन सिस्टम के मौजूदा ढांचे में बदलाव की जरूरत है? इसके साथ ही समिति राजकोषीय निहितार्थ और बजट के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए एनपीएस के तहत शामिल शासकीय कर्मचारी के पेंशन लागू में सुधार के लिए इसे संशोधित करने के भी सुझाव दे सकती है।
यह होंगे सदस्य
वित्त सचिव सोमनाथन की अगुवाई में समिति का गठन किया गया है। जिनमें कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव के अलावा वित्त विभाग की विशेष सचिव और PFRDA चेयरमैन बतौर सदस्य शामिल है। पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि वित्त सचिव की अगुवाई में समिति सरकारी कर्मचारी के एनपीएस के पेंशन संबंधित मामलों पर समीक्षा करेगी।
समिति का कार्य
वही समिति को कहा गया कि वह नई पेंशन स्कीम के मौजूदा फ्रेमवर्क और दायरे के संदर्भ में बदलाव की सिफारिश करे। साथ ही समिति को नई पेंशन स्कीम के तहत पेंशन लाभ और आकर्षक बनाने पर भी सुझाव दिया जा सकता है। हालांकि यह जो किसी भी मामले में आम जनता के हितों और बजट के अनुशासन के विपरीत ना हो। इसका खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि समिति द्वारा रिपोर्ट कब दिया जाएगा इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा गया समिति राज्य से बात करने के बाद अपनी सिफारिश पेश करेगी। कई राज्य में पुरानी पेंशन योजना की मांग तेज हो गई है। वहीं केंद्रीय कर्मचारी द्वारा भी पुरानी पेंशन योजना की मांग की जा रही है कई राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया है। कांग्रेस शासित राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद बीजेपी शासित राज्यों में भी इसे लागू करने को लेकर कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कई राज्यों में OPS लागू
वही राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के बाद एनपीएस के तहत जमा फंड को वापस दिए जाने का अनुरोध राज्य सरकारों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के संबंध में एपीएस बहाल करने के किसी भी तरह के प्रस्ताव सामने नहीं है और सरकार इस पर कोई विचार नहीं कर रही है।
जबकि आगामी चुनाव और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार द्वारा भी पेंशन व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पेंशन व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है। राजनीतिक दबाव बना है। जिसके बाद पेंशन व्यवस्था में बदलाव की बात कही जा रही है।
NPS के लाभ
- एनपीएस के तहत कटने वाली राशि इक्विटी मार्केट और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की जाती है। ऐसे में इक्विटी मार्केट में तेजी एनपीएस के पक्ष में है।
- पेंशन के लिए प्रति महीने वेतन में 10 फीसद की कटौती होती है
- नियोक्ता को 14% योगदान करने के अधिकार दिए गए हैं
- वहीं जनरल प्रोविडेंट फंड की सुविधा नहीं होने की वजह से भी कर्मचारी एनपीएस का समर्थन नहीं कर रहे हैं
- रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी वीएनपीएस में उपलब्ध नहीं कराई जा रही है
- साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर 20% नकद और 80% राशि पेंशनर देने का प्रावधान रखा गया
- एनपीएस में रिटायरमेंट के बाद जो पैसा मिलेगा, उस पर टैक्स देना अनिवार्य किया गया है
- साथ ही पेंशन कंप्यूटेशन का भी प्रावधान नहीं है।
OPS के फायदे
- पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ दिया जाता है।
- कर्मचारियों को मासिक पेंशन के लिए वेतन की कटौती नहीं की जाती है।
- इसके अलावा जनरल प्रोविडेंट फंड की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- रिटायरमेंट कर्मचारियों की अंतिम बेसिक सैलरी का 50% से पेंशन के रूप में उपलब्ध कराया जाता है
- कर्मचारी के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर भी उसे पेंशन का लाभ दिया जाता है।
- सरकार की ओर से महंगाई भत्ता वृद्धि की सुविधा और वेतन आयोग में सुधार को लागू किया गया है।
- साथ ही जीपीएफ के ब्याज पर आयकर नहीं लगता है।
- 40% पेंशन कंप्यूटेशन के प्रावधान भी रखे गए हैं।
