चाय का चस्का और चुस्की में भारत से आगे निकला पाकिस्तान, देखिए किस देश में सबसे ज्यादा पी जाती है चाय

चाय का चस्का और चुस्की में भारत से आगे निकला पाकिस्तान, देखिए किस देश में सबसे ज्यादा पी जाती है चाय

बहकते रहने की आदत है मेरे कदमों को,
शराबखाने से निकलूं कि चायखाने से।

यकीन न हो तो चाय के शौकीनों से पूछकर देख लीजिए। चाय का भी नशा होता है और ऐसा गज़ब का होता है कि मय के नशे को पीछे छोड़ दे। चाय के तलबगार अपनी पसंद की एक कप चाय के लिए लंबी से लंबी दूरी तय करने को तैयार होते हैं। शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच जाते हैं। बहाना कुछ भी चलेगा..गर्मी में भला कौन चाय पीता है, इस सवाल पर कहेंगे ‘गर्मी ही गर्मी को काटती है’ और बारिश तो सबसे मुफ़ीद मौका है ही चाय के लिए, सर्दियां भी भला बिना चाय के गुज़रती है कभी। ये तो हाल है चाय के कद्रदानों का।

लेकिन अगर आपको लगता है कि चाय की चुस्कियों का चस्का सिर्फ हिंदुस्तानियों को ही है..तो यहां आप गलत है। बल्कि ये मानिये कि इस मामले में दूसरे कई देश हमें अच्छी खासी कॉम्पिटिशन दे रहे हैं। हाल ही में वर्ल्ड ऑफ स्टेटेस्टिक्स ने एक डाटा जारी किया है जिसके मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा चाय की खपत तुर्की में होती है। यहां प्रति व्यक्ति चाय की खपत 3.16 किलो (सालाना) है। मतलब ये हुआ कि यहां एक व्यक्ति एक साल में 3.16 किलो चायपत्ती की चाय पी जाता है। दूसरे नंबर पर आयलैंड है जहां 2.19 किलो चाय की खपत होती है और तीसरें नबंर पर है 1.94 किलो के साथ यूके है। वहीं चौथे नंबर पर 1.50 किलो के साथ पाकिस्तान ने बाज़ी मारी है।

इस लिस्ट में 33 देश शामिल हैं और आपको ये जानकर थोड़ा ताज्जुब हो सकता है कि भारत इसमें काफी नीचे 23वें पायदान पर है। जबकि इस मामले में पाकिस्तान काफी आगे निकल गया है। वहीं लिस्ट में आखिरी नंबर पर है मैक्सिको जहां प्रति व्यक्ति सालाना सिर्फ 0.14 किलो चाय की खपत होती है। हालांकि हम भारतीय ये मानते रहे हैं कि हमारे यहां चाय का बहुत प्रचलन है और हमारी चाय की चहास बड़ी शिद्दत भरी है। लेकिन ये आंकड़े हमारे इन दावों पर पानी फेरते नज़र आ रहे हैं। अगर कहीं चाय पीने का ओलंपिक होता तो इसके लिए हमें और मेहनत करनी पड़ती। तो फिलहाल चाय के शौकीनों को इस खबर से थोड़ा झटका लग सकता है और मायूसी भी हो सकती है। लेकिन कहते हैं न कि उम्मीद पर दुनिया कायम है..तो इस बार नहीं अगली बार सही। बहुत मुमकिन है कि चाय की तलब और चाय का शौक आगे के कुछ सालों में हमें इस लिस्ट में ऊपर की तरफ ले आए। बहरहाल..हम ये जरूर कहना चाहेंगे कि चाय के अपने नफा-नुकसान है और सबको अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इसका सेवन करना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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