25000 पेंशनधारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, EPS-95 पर बड़ी अपडेट, जनवरी से घट जाएगी पेंशन राशि! इन्हें लगेगा झटका

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EPFO Higher Pension 2023:कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के हजारों पेंशनरों के लिए बड़ी खबर है। जनवरी से 25000 पेंशनरों की पेंशन राशि में कमी आ सकती है। इस संबंध में ईपीएफओ ने EPS-95 को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ईपीएफओ ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि जनवरी 2023 से ऐसे पेंशनधारियों की ऊंची पेंशन पर रोक लगा दी जाए, जो 2014 से पहले रिटायर हुए है।

ईपीएफओ का सर्कुलर जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिटायरमेंट फंड संगठन ने अपने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो पेंशनभोगी 2014 से पहले रिटायर हुए हैं उन्हें उच्च पेंशन देना बंद कर दिया जाए। वही अभी उन्हें इस व्यवस्था के तहत जितनी अतिरिक्त राशि दी गई है वह भी रिकवर की जाए। EPFO ने बुधवार को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया था कि ऐसे मामलों की समीक्षा की जाएगी जो 1 सितंबर 2014 से पहले रिटायर हो गए और उन्होंने उच्च वेतन पर पेंशन की सुविधा को सब्सक्राइब नहीं किया है।

इन कर्मचारियों को लग सकता है झटका

EPFO के क्षेत्रीय कार्यालयों में भेजे गए सर्कुलर के मुताबिक, जो भी कर्मचारी 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त हुए हैं और जिन लोगों को उच्च वेतन पर पेंशन मिल रही है उन लोगों की फिर से जांच की जाएगी, इसी वजह से पेंशन के भुगतान को रोका जा सकता है। ईपीएफओ ने अपने प्रस्ताव के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के फैसले के कुछ अंशों का हवाला दिया। ईपीएफओ ने सर्कुलर में कहा है कि 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त होने से पहले ईपीएस के पैरा 11(3) के तहत विकल्प का इस्तेमाल किया था या नहीं।

पेंशन में ऐसे होगा संशोधन

ईपीएफओ ने सर्कुलर में कहा है कि जनवरी 2023 से ऐसे पेंशनधारियों की ऊंची पेंशन पर रोक लगा दी जाए और इनकी पेंशन को 5,000 या 6500 रुपये की सैलरी के आधार पर संशोधित किया जाएगा।  EPFO ने इस सर्कुलर में EPS-95 के पैराग्राफ 11(3) का जिक्र किया है जो इस बारे में बात करता है कि किसी कर्मचारी की अधिकतम पेंशन योग्य सैलरी कितनी होनी चाहिए। वही  पेंशन में संशोधन किए जाने से पहले पेंशनधारक को अग्रिम सूचना दी जानी चाहिए।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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