CM मोहन यादव के बयान से पाकिस्तान में हड़कंप, पाक विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

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Pakistan statement on Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन के बाद पाकिस्तान ने एक बयान जारी कर इसकी निंदा की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘सदियों पुरानी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को चरमपंथियों की भीड़ ने ध्वस्त कर दिया था। अफसोस की बात है कि भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका ने न केवल इस घृणित कृत्य के लिए जिम्मेदार अपराधियों को बरी कर दिया, बल्कि ध्वस्त मस्जिद के स्थान पर एक मंदिर के निर्माण की भी अनुमति दे दी।’ अपने बयान में उसने खास तौर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पिछले दिनों दिए गए बयान का विशेष रूप से उल्लेख किया है। अब पाकिस्तान के बयान की बीजेपी ने कड़ी आलोचना की है। भाजपा कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने कहा है कि हम अखंड भारत के निर्माण ही ओर अग्रसर हो रहे हैं।

अयोध्या राम मंदिर पर पाकिस्तान का बयान

22 जनवरी को अयोध्या में राममंदिर उद्घाटन हुआ और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसे लेकर न सिर्फ देश में बल्कि दुनियाभर में श्रीराम में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह है। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से इसे लेकर जो प्रतिक्रिया सामने आई है, वो अब सुर्खियों में हैं। उनके बयान में कहा गया है कि ‘पाकिस्तान भारतीय शहर अयोध्या में ध्वस्त बाबरी मस्जिद के स्थान पर ‘राम मंदिर’ के निर्माण और अभिषेक की निंदा करता है। सदियों पुरानी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को चरमपंथियों की भीड़ ने ध्वस्त कर दिया था। अफसोस की बात है कि भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका ने न केवल इस घृणित कृत्य के लिए जिम्मेदार अपराधियों को बरी कर दिया, बल्कि ध्वस्त मस्जिद के स्थान पर एक मंदिर के निर्माण की भी अनुमति दे दी। पिछले 31 वर्षों के घटनाक्रम, जिसके चलते आज का (22 जनवरी) अभिषेक समारोह हुआ, भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद का संकेत है। ये भारतीय मुसलमानों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने के लिए चल रहे प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पहलू है।’

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से अपील

पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ‘ध्वस्त मस्जिद की जगह पर बना मंदिर आने वाले समय में भारत के लोकतंत्र के माथे पर कलंक बना रहेगा। विशेष रूप से, वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद सहित मस्जिदों की सूची बढ़ती जा रही है, जो अपवित्रता और विनाश के समान खतरे का सामना कर रही हैं। भारत में ‘हिंदुत्व’ विचारधारा का बढ़ता ज्वार धार्मिक सद्भाव और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा है। भारत के दो प्रमुख राज्यों, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, के मुख्यमंत्रियों ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस या ‘राम मंदिर’ के उद्घाटन को पाकिस्तान के कुछ हिस्सों को पुनः प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम बताया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भारत में बढ़ते इस्लामोफोबिया, घृणा भाषण और घृणा अपराधों पर संज्ञान लेना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र और अन्य प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को भारत में इस्लामी विरासत स्थलों को चरमपंथी समूहों से बचाने और भारत में अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। पाकिस्तान भारत सरकार से मुसलमानों सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पवित्र स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता है।’

बीजेपी ने की बयान की आलोचना

बता दें कि पिछले दिनों सीएम मोहन यादव ने कहा था कि तो आज नहीं तो कल हम फिर देश एक करेंगे और पाकिस्तान भारत में सम्मिलित होगा। इस बयान का पाकिस्तान ने खास तौर पर उल्लेख किया है। अब पाक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सुरेंद्र शर्मा ने एक्स पर लिखा है कि’जिस तरह पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के युवाओं ने वहां की दीवार को तोड़कर,जर्मनी का एकीकरण किया एक दिन वह भी आयेगा जब भारत अखण्ड होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव जी जी के कंठ से सरस्वती प्रकट हुई है जो अवश्य फलीभूत होगी जिसकी शुरुआत पाक अधिकृत कश्मीर को वापिस लेने से होगी।’

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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