योगी सरकार की राह पर शिवराज सरकार, UP की तर्ज पर MP में यह एक्ट लाने की तैयारी

सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। चौथी पारी में सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan)  एक्शन मोड में नजर आ रहे है। अब सीएम शिवराज सिंह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP Chief Minister Yogi Adityanath) की राह पर चल पड़े है। खबर है कि योगी सरकार के गुंडा नियंत्रण अधिनियम (goonda control act) की तर्ज पर एमपी में शिवराज सरकार गैंगस्टर एक्ट में संशोधन करने की तैयारीकर रही है। इसके तहत MP में ऑर्गनाइज्ड क्राइम रोकने में बड़ी सहायता मिलेगी और UP के गुंडा नियंत्रण अधिनियम जैसे प्रावधान होंगे। वही मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकार भी बढ़ जाएंगे।

यह भी पढ़े.. MP: इस योजना से होगा 2500 से ज्यादा स्कूलों को लाभ, जनपद से जिला पंचायत में जाएंगे प्रस्ताव

दरअसल, पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश में अवैध रेत खनन, मिलावटी शराब और नकली दवा जैसे कई संगठित अपराधों जैसे मामले सामने आ रहे है, ऐसे में अब शिवराज सरकार (Shivraj Government) इन ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) रोकने के लिए यूपी के तर्ज पर गैंगस्टर (गुंडा) एक्ट में सख्त प्रावधान करने की तैयारी में हैं।सीएम शिवराज सिंह के निर्देश के बाद गृह विभाग (MP Home Department) ने गैंगस्टर एक्ट (gangster act) का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।जल्द ही इसमें संशोधन कर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

खास बात है कि यूपी के अलावा ​इसमें कुछ प्रावधान महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (Maharashtra Control of Organized Crime Act) के भी शामिल किए जा सकते हैं।इस एक्ट में मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, गोहत्या, बंधुआ मजदूरी और जाली नोट, नकली दवाओं का व्यापार, अवैध हथियारों का निर्माण और व्यापार, अवैध खनन जैसे अपराध कई कठोर नियमों के साथ शामिल किए जाएंगे। वही मध्य प्रदेश पुलिस (MP POLICE) को भी बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है।इसके तहत उन्हें  पूछताछ के लिए रिमांड अवधि 50 दिन, आरोपित की संपत्ति जब्त जैसे कई अधिकार दिए जाएंगे, ताकी आरोपी को जमानत आसानी से ना मिल पाए।

यह भी पढ़े.. MP Police: मप्र के इन पुलिसकर्मियों का प्रमोशन, TI बने कार्यवाहक डीएसपी, यहां देखें लिस्ट

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गृह विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है और इससे संबंधित बैठक भी हो चुकी है, अगर सबकुछ ठीक रहा तो इसे मानसून सत्र (Monsoon session) के बाद नवंबर दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। मप्र विधानसभा (MP Assembly) से विधेयक पारित होने के बाद अनुमति के लिए केंद्र सरकार (Central Government) को भेजा जाएगा।वही 9 अगस्त से शुरु होने वाले मानसून सत्र में आबकारी अधिनियम संशोधन विधेयक पेश किया जाना है, जिसे हाल ही में शिवराज कैबिनेट बैठक (Shivraj Cabinet Meeting) में मंजूरी दी गई है। इसमें भी कठोर नियमों के साथ मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews