4 महीने की बच्ची को लेकर भटक रहे दम्पति, मैरिज सर्टिफिकेट के लिए खर्च हुए 9 लाख

4 महीने की बच्ची को लेकर भटक रहे दम्पति, मैरिज सर्टिफिकेट के लिए खर्च हुए 9 लाख

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। अतिथि देवो भवः की परंपरा को मानने और निभाने वाले हमारे देश की सरकार भी दूसरे देश से आने वाले लोगों की भरपूर मदद करती हैं लेकिन ग्वालियर (Gwalior News) में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने ना सिर्फ ग्वालियर, मध्य प्रदेश बल्कि देश की छवि की भी धूमिल कर दिया है। कनाडा से आई एक पत्नी अपने पति को साथ ले जाने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रही है, लेकिन कलेक्ट्रेट (Gwalior Collectorate) के बाबू उसे परेशान कर रहे हैं, आँखों में आंसू और गोद में 4 महीने की बच्ची को लेकर अपने पति के साथ भटक रही महिला अब तक मैरिज सर्टिफिकेट पाने के लिए 9 लाख रुपये का खर्चा कर चुकी है लेकिन उसे अब तक सर्टिफिकेट नहीं मिल सका है।

कनाडा में रहने वाली अनुप्रीत बरार अपने पति को कनाडा साथ ले जाने के लिए परेशान है और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रही है। उसका कहना है कि कलेक्ट्रेट के बाबू उसे एक साल से परेशान कर रहे हैं, कभी कोई डॉक्यूमेंट मांगते हैं, कभी पैसे माँगते हैं , हर बार कोई कमी निकाल कर टरका देते हैं। शादी के बाद से तीन बार ग्वालियर आ चुकी है कलेक्ट्रेट में आती है तो अधिकारी बदल जाते हैं बाबू लोग नए नए नियम बताने लगते हैं।

कनाडा निवासी अनुप्रीत बरार ने कहा कि उसके पास भारत की नागरिकता नहीं है, इसलिए वीजा लेकर आना पड़ता है , अब तक वो मैरिज सर्टिफिकेट के लिए 9 लाख रुपये खर्च कर चुकी हैं, यहाँ आओ तो बाबू कोई सहयोग नहीं करते, कहते है आप तो विदेश में रहती हो बहुत पैसा है आपके पास। यहाँ के बाबू नीरज शर्मा केनेडियन एम्बेसी से दिया हुआ फॉर्मेट नहीं मान रहे, अर्जेंटीना का फॉर्मेट दिखाकर कह रहे हैं ऐसा बनाकर लाओ।

छोटीसे बच्ची को लिए भटक रही महिला से जब मीडिया ने बात की तो वो रोने लगी। उसने कहा कि वो एक साल से चक्कर लगा कर थक चुकी है। यहाँ के बाबू मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बना रहे। परेशान कर रहे हैं मुझे बार बार वीजा लेकर कनाडा से मैरिज सर्टिफिकेट लेने आना पड़ता है। परेशान अनुप्रीत बरार ने बताया कि 7 नवंबर 2020 को उसकी शादी गोहद जिला भिंड निवासी नवजोत सिंह रंधावा से हुई है।

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शादी ग्वालियर के किला स्थित दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे में हुई थी। तब से लेकर अभी तक वो मैरिज सर्टिफिकेट के लिए परेशान है। इसके बिना वो अपने पति को कनाडा नहीं ले जा सकती । ग्वालियर कलेक्ट्रेट के बाबू उससे हर बार नये डॉक्यूमेंट मांगते है पिछली बार पैसे भी मांगे। उसकी चार महीने की बच्ची है उसके बर्थ सर्टिफिकेट पर पिता का नाम मेरे पति का नाम लिखा है फिर भी ये नहीं मान रहे।

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हालाँकि सम्बंधित बाबू नीरज शर्मा का कहना है कि विदेश की शादी है, इनके डॉक्युमेंट पूरे  आ जायेंगे तो मैरिज सर्टिफिकेट जारी हो जायेगा।  उधर मामला मीडिया में आने के बाद अपर कलेक्टर एच बी शर्मा ने इस मामले को संज्ञान में लिया है उनका कहना है कि केनेडियन एम्बेसी से महिला से सम्बंधित NOC मांगी गई है उसके नहीं आने से मैरिज रजिस्टर्ड नहीं हो पा रही है।  उन्होंने कहा कि वो खुद व्यक्तिगत रूप से कनाडा हाई कमीशन से बात करेंगे और जल्दी ही इनकी परेशानी दूर कर देंगे।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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