देवेंद्र फडणवीस होंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, शिंदे और पवार डिप्टी सीएम, कल 5 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह

मुंबई के आजाद मैदान में कल 5 दिसंबर को शपथ समारोह होगा जिसमें देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
Devendra Fadnavis Eknath Shinde Ajit Pawar

Devendra Fadnavis Maharashtra CM: महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा इसपर से सस्पेंस खत्म हो गया है, सर्व सम्मति से देवेंद्र फडणवीस के नाम पर सहमति बन गई है,  कोर कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया,  देवेंद्र फडणवीस आज दोपहर 3:30 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक मुंबई के आजाद मैदान में कल 5 दिसंबर को शपथ समारोह होगा जिसमें देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कल ही एकनाथ शिंदे और अजीत पवार उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, कल केवल ये तीन ही शपथ होंगी।

केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक 

केंद्रीय पर्यवेक्षकों केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक शुरू हुई। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार देवेंद्र फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखा और सभी विधायक नाम पर मुहर  लगा दी।

कल 5 दिसंबर को आजाद मैदान में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह 

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पांच दिसंबर यानि कल शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में हिस्सा लेंगे।

तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे देवेंद्र फडणवीस

आपको बता दें कि देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पहली बार 2014 में मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया था लेकिन 2019 में वे केवल 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। अब वे 5 दिसंबर को एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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