धनतेरस आज: पांच दिवसीय दिवाली उत्सव शुरू, पीएम मोदी-सीएम शिवराज ने दी बधाई

धनतेरस आज: पांच दिवसीय दिवाली उत्सव शुरू, पीएम मोदी-सीएम शिवराज ने दी बधाई

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  भगवान धनवंतरि की जयंती (Dhanavantari Jayanti) यानि धनतेरस (Dhanteras) आज मंगलवार को है, लोग इस दिन मां लक्ष्मी, कुबेर और धनवंतरि (Lakshmi Kuber Dhanavantari) की पूजा कर धनधान्य से सम्पन्नता का वरदान मांगते हैं, इसी के साथ दिवाली का पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत भी हो जाती है।

क्यों मानते हैं धनतेरस 

हिन्दू महीना कार्तिक की त्रयोदशी यानि तेरस को धनतेरस मनाया जाता है, इस साल ये आज मंगलवार 2 नवम्बर को है।  इसको मनाने के पीछे एक धार्मिक मान्यता है कि जब समुद्र मंथन हुआ था तब उसमें से भगवान धनवंतरि भी प्रकट हुए थे उनके हाथ में अमृत कलश था।  मान्यता है कि इस दिन धनवंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करने से सुख और समृद्धि मिलती है।

ऐसे करें भगवान धनवंतरि की पूजा 

  • सबसे पहले लकड़ी की चौकी पर लाल एक कपडा बिछाएं।
  • गंगाजल छिड़क कर उस पर मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • घी का दीपक, धूप, अगरबत्ती जलाएं।
  • मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर को लाल पुष्प अर्पित करें।
  • आप बाजार से जो धातु (सोना चांदी) या बर्तन लेकर आये हैं उसे चौकी पर रखें।
  • लक्ष्मी स्त्रोत, लक्ष्मी चालीसा, लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र, कुबेर स्त्रोत का पाठ करें, धनवंतरि का ध्यान करें।
  • मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें।

पूजा का ये है शुभ मुहूर्त 

इस तिथि की शुरुआत 2 नवंबर को सुबह 11:31 बजे से होगी और समाप्ति 3 नवंबर को सुबह 09:02 पर होगी। प्रदोष काल शाम 05:35 से रात 08:11 बजे तक रहेगा। धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 06:17 बजे से रात 08:11 बजे तक रहेगा। यम दीपम का समय शाम 05:35 से 06:53 बजे  तक रहेगा।

पीएम मोदी और सीएम शिवराज ने दी बधाई 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को धनतेरस पर्व की बधाई दी है उधर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रदेशवासियों को धनतेरस की बधाई दी है। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने बधाई के ट्वीट किये हैं –

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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