कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है गुड न्यूज, एसोसिएशन की इस प्रस्ताव को मंजूरी, वित्त मंत्रालय की मुहर का इंतजार

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Bank Employees Five Days Working : देश भर के बैंक कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज है। जल्द बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में 2 दिन वीक ऑफ का तोहफा मिल सकता है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने हुई बैठक में इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन ने हफ्ते में 2 दिन की छुट्टी वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दे है,ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बैंकों में सप्ताह के दौरान 5 दिन काम करने और 2 दिन छुट्टी को लेकर जल्द वित्त मंत्रालय मंजूरी दे सकता है। इस संबंध में रक्षाबंधन से पहले बड़ा अपडेट सामने आ सकता है।

एसोसिएशन की मंजूरी, वित्त मंत्रालय के मुहर का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  जुलाई अंत में हुई इंडियन बैंक एसोसिएशन की बैठक में  5 दिन काम के प्रस्ताव पर  सहमति दी है, जिसके बाद शनिवार-रविवार बैंकों में छुट्टी की मांग को बल मिल गया है। प्रपोजल को मंजूरी मिलने के बाद माह के पहले और तीसरे शनिवार को भी बैंकों में छुट्टी लागू होने की संभावना है।खबर है कि जल्द ही अब प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया, जिसके बाद अंतिम निर्णय मंत्रालय लेगा।यहां से मुहर लगने के बाद प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक को भेजा जाएगा।  इसके तहत बैंक कर्मी के सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक नकद लेनदेन के साथ कुल काम के घंटे 40 मिनट प्रति दिन बढ़ाए जा सकते हैं, जो 40 मिनट का समय बढे़गा उसमें गैर नकदी लेनदेन का काम किया जाएगा।

अबतक ऐसी है व्यवस्था

बता दे कि वर्तमान में माह के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में कामकाज नहीं होता है,चुंकी आरबीआई द्वारा रविवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित है।  पहले और तीसरे शनिवार को बैंकिंग कार्य होते हैं। 5 दिन अवकाश के प्रस्ताव मंजूर होने के बाद माह के सभी शनिवार को कामकाज बंद रहेगा। इधर, मेट्रों शहरों के कॉरपोरेट दफ्तरों में कर्मचारियों को सप्ताह में 5 दिन कार्यदिवस और 2 दिन अवकाश की व्यवस्था लागू है। इसके तहत कर्मचारियों को प्रत्येक दिन 8 घंटे की बजाय करीब 9 घंटे काम करने की व्यवस्था की गई है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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