केंद्रीय कर्मचारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति पर आई बड़ी अपडेट, सरकार ने दिया जवाब, ऐसी होगी प्रक्रिया, मिलेगा लाभ

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा अधिकारियों (central civil service Employees) की समय पूर्व सेवानिवृत्ति (Retirement) पर बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय सिविल सेवा अधिकारी कर्मचारियों को किस तरह से सेवानिवृत्ति का लाभ मिलेगा। इस पर विस्तृत दलील देते हुए राज्यसभा में सरकार ने नियम और शर्तों की जानकारी दी है। दरअसल विपक्ष की तरफ से पूछा गया कि वर्ष 2017 से सेवा से समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने वाले सिविल सेवा अधिकारियों की राज्य संवर्गवार संख्या कितनी है।

इसके अलावा 2017 के बाद या तो सेवा से हटाए गए या बर्खास्त किए गए केंद्रीय सिविल सेवा अधिकारियों की राज्य संवर्गवार संख्या कितनी है? साथ ही केंद्र सिविल सेवा अधिकारियों में वर्तमान में विद्यमान रिक्तियों की कुल संख्या की जानकारी भी मांगी गई थी। जिस पर जवाब देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी संबंधित लघु नियम के तहत अहर्ता सेवा की निर्धारित अवधि पूरा करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनकर सेवा से सेवानिवृत्ति की मांग कर सकते हैं।

सरकारी कर्मचारी संबंधित लागू नियमों के तहत अर्हक सेवा की निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनकर सेवा से सेवानिवृत्ति की मांग कर सकते हैं। कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021, अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 आदि का लाभ लेने के लिए पात्र है।

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राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को संबंधित सेवा के प्रावधानों को लागू करके सार्वजनिक हित में सरकारी कर्मचारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त करने की पूर्ण शक्ति नियम/मौलिक नियम – 56 (J) में निहित है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुलाई 2014 से जून 2022 तक (19.07.2022 तक) की अवधि के दौरान कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा बनाए गए प्रोबिटी पोर्टल पर विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संवर्ग नियंत्रण प्राधिकरणों (सीसीए) द्वारा अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार, FR 56 (J) / इसी तरह के प्रावधान कुल 203 समूह-A और 192 समूह-B अधिकारियों के खिलाफ लागू किए गए हैं।

वहीँ दूसरे सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया है कि गंभीर कदाचार के सिद्ध मामलों में, केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 में निर्दिष्ट सेवा से हटाने या बर्खास्तगी सहित कोई भी जुर्माना केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लगाया जा सकता है। जिन पर ये नियम लागू होते हैं। चूंकि इन नियमों के तहत आरोपित अधिकारियों को संबंधित संवर्ग नियंत्रण प्राधिकरणों द्वारा हटाया या बर्खास्त किया जाता है, ऐसे कर्मचारियों का डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है।

वहीँ एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा है कि व्यय विभाग की वेतन अनुसंधान इकाई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 01.03.2021 को केंद्र सरकार के नागरिक नियमित कर्मचारियों में रिक्तियों की कुल संख्या 40,35,203 के कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले 9,79,327 है।

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