
Kamal Nath
मध्यप्रदेश सरकार आज फिर 5800 करोड़ रुपये कर्ज लेने जा रही है। लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहले से ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार राज्य पर कुल कर्ज लगभग 5.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आखिर ‘कब तक बीजेपी सरकार कर्ज लेकर घी पियेगी?’ उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के सामने अब यह बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है कि राज्य सरकार आखिर कब तक उधारी के सहारे शासन चलाती रहेगी। पूर्व सीएम ने कहा कि यह कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और अंततः इसकी कीमत प्रदेश की जनता को ही चुकानी पड़ेगी।
एमपी सरकार फिर लेगी कर्ज, कमलनाथ ने घेरा
मध्यप्रदेश सरकार दस मार्च को एक बार फिर 5800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। इसे लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले एक साल में यह 19वीं बार है जब राज्य सरकार बाजार से कर्ज लेने जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले होली से ठीक पहले राज्य सरकार लगभग 6300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर हर कुछ हफ्तों में हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ रहा है तो आखिर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की हालत क्या है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था की हालत खराब है।
विकास का दावों पर उठाए सवाल
कमलनाथ ने बीजेपी सरकार के विकास दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास हो रहा है तो फिर हर महीने हजारों करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह कर्ज योजनाओं के खर्च, प्रशासनिक व्यय और पुराने कर्ज के ब्याज चुकाने के लिए लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि यह कर्ज आखिर खर्च कहां हो रहा है। क्या इससे रोजगार के अवसर बढ़े, किसानों की आय में वृद्धि हुई, युवाओं को नौकरियां मिलीं या शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ? कमलनाथ ने आरोप लगाया कि अगर इन सवालों का जवाब नहीं है तो साफ है कि सरकार प्रदेश के भविष्य को गिरवी रखकर वर्तमान की राजनीति चला रही है।
बीजेपी पर लगाए आरोप
पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि आर्थिक विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि इसी तरह राज्य का कर्ज बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा सिर्फ़ कर्ज और उसके ब्याज की अदायगी में खर्च हो सकता है। इससे विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक आर्थिक स्थिति बताने के बजाय विज्ञापन और प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है। कमलनाथ ने कहा कि अखबारों और टीवी में विकास के दावे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार उधारी के सहारे चल रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता सरकार से जवाब मांगे कि आखिर कब तक कर्ज लेकर शासन चलाया जाएगा।
कब तक कर्ज लेकर घी पियेगी बीजेपी सरकार?
मध्यप्रदेश की जनता के सामने अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आखिर कब तक बीजेपी सरकार कर्ज लेकर शासन चलाती रहेगी? ताज़ा खबर के अनुसार राज्य सरकार एक बार फिर 5800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक साल… pic.twitter.com/NwbcK6Fgdm
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) March 10, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

