MP Politics : 2024 का MP चुनाव लड़ेंगी उमा भारती, सामने आया बड़ा बयान, पार्टी-The Kashmir Files पर कही बड़ी बात

MP Politics : 2024 का MP चुनाव लड़ेंगी उमा भारती, सामने आया बड़ा बयान, पार्टी-The Kashmir Files पर कही बड़ी बात

टीकमगढ़, आमिर खान। टीकमगढ़ (MP Tikamgarh) स्थित दिव्यांतरण में आज उमा भारती (Uma Bharti) ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान यह साफ कर दिया है कि वह 2024 का चुनाव (MP Election 2024) लड़ेंगी और किस सीट लड़ेंगी, ये पार्टी (party) तय करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर फाइल्स फिल्म (Film The Kashmir Files) न देखने की वजह को भी बताया उन्होंने कहा की कश्मीर फाइल्स न देखने का मकसद यह है। अगर मैं ये फिल्म देखूंगी तो भावुक हो जाऊंगी। इस घटना और कश्मीर के हालातों को मैंने स्वयं देखा है।

इसके साथ ही उन्होंने भोपाल दंगे के जख्म को भी ताजा कर दिया। उन्होंने कहा भोपाल के दंगे के दौरान दंगाइयों ने पीएचक्यू घेर लिया था। उन्होंने आगे कहा कि नेहरू गांधी ने कभी कश्मीर की सुध नहीं ली, जबकि राहुल गांधी खुद को कश्मीर का पंडित बताते हैं। उमा ने कहा कि देशवासी ये बात समझ जाएं जहां हिंदू अल्पसंख्यक होगा, तो कश्मीर जैसी स्तिथि बनेगी। आज हमारा देश धर्म निरपेक्ष हुआ है, जो कांग्रेस के समय में नहीं था।

Read More : CBSE टर्म-2 परीक्षा सहित नए सत्र पर आई बड़ी अपडेट, टर्म 1 वेटेज पर फैसला संभव, NPCC ने लिखा पत्र

उन्होंने कहा इंग्लैंड में अजान की आवाज सार्वजनिक नहीं सुनाई देती, जबकि वहां भी मुस्लिम है। लेकिन भारत में इस पर भी पाबंदी नहीं, इसके बावजूद भी हिंदुओं को कोसा जाता है। इसके बाद भी भाजपा को बदनाम किया जाता. हम इसकी सफाई दे देकर परेशान हैं। वीपी सिंह की सरकार गिरने का इंतजार राजीव गांधी ने किया। लेकिन कभी कश्मीर के पंडितों से मिलने नहीं गए। वामपंथी, समाजवादी, कांग्रेसियों ने देश का माहोल बिगाड़ रखा था, लेकिन अब हालात सुधरे हैं। कश्मीर फाइल ने इन्हे बेनकाब किया है। इस फिल्म ने हिंदुओं के दुख को दिखाया है।

जब मैं मुख्यमंत्री थी, तब मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात की और ये निर्णय हुआ था कि धर्म परिवर्तन नहीं होगा। कोई विवादित भाषण नहीं देना है। उसके बाद से एमपी में कोई दंगा हुआ क्या नहीं। इसके साथ उन्होंने शराब बंदी को लेकर की गई पर भी अपना बयान दिया और कहा कि पत्थरबाजी एक संघेय अपराध है, और मैंने निजी दुकान पर पत्थर मारा, अगर वो दुकानदार शिकायत करता तो मेरे खिलाफ एफआईआर होती और मैं भी गिरफ्तारी के लिए तैयार थी पर शिकायत नहीं हुई। शराबबंदी के लिए विधायक, पार्षद, नगर परिषद के मेयर और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है. वह आगे आएं और शराब को बंद कराएं, नहीं तो ये एक जन आंदोलन बनेगा. मैने तो एक पत्थर मारकर संदेश दे दिया है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews