मध्य प्रदेश मौसम : आज 23 जिलों में भारी बारिश–बिजली-मेघगर्जन का अलर्ट, पढ़े IMD का लेटेस्ट अपडेट

मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम के असर से शुक्रवार व शनिवार को भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है।
MP Weather update

एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में 48 घंटों के लिए अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 23 जिलों में भारी और 3 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे के दौरान साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। 16 अगस्त तक प्रदेश में झमाझम बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया । मध्यप्रदेश की औसत बारिश 37 इंच है जबकि इस सीजन में अब तक 29.9 इंच पानी गिर चुका है, जो कोटे का 81 प्रतिशत है।

आज 15 अगस्त को कहां कहां होगी बारिश

  • बुरहानपुर, खंडवा, देवास में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट ।
  • रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा में भारी बारिश, झंझावत और वज्रपात।
  • भोपाल, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में झंझावत वज्रपात

वर्तमान में सक्रिय है एक साथ कई मौसम प्रणालियां

  • वर्तमान में मानसून टूफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, वनस्थली, गुना, दमोह, बिलासपुर, कलिंगपट्टनम से होकर गुजरती है और वहां से निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और आसपास के इलाकों तथा दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर स्थित है।
  • एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण पंजाब और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण पश्चिम उत्तर प्रदेश में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वोत्तर अरब सागर और समीपवर्ती कच्छ पर माध्य समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
  • पूर्व-पश्चिम ट्रफ़ बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों से कच्छ से सटे पूर्वोत्तर अरब सागर तक जाती है, जो ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ी है, जो बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और समीपवर्ती क्षेत्रों और दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों, तेलंगाना, उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्र में बनी हुई है और समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी ऊपर देखी जा सकती है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण
    की ओर झुकी हुई है।

Madhya Pradesh: 1 जून से 14 अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा

मध्य प्रदेश में औसत से 27% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 33% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में अब तक 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर व उज्जैन संभाग के जिलों की स्थिति ठीक नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 37% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 25% बारिश अधिक हुई है। इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।

MP Weather Forecast till 18 August

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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