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मध्य प्रदेश मौसम : कई वेदर सिस्टम फिर एक्टिव, आज 20 जिलों में भारी बारिश–वज्रपात-मेघगर्जन का अलर्ट, पढ़े IMD अपडेट

Written by:Pooja Khodani
Published:
बंगाल की खाड़ी में बने एक लो प्रेशर सिस्टम और 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते अगले 72 घंटों में प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
मध्य प्रदेश मौसम : कई वेदर सिस्टम फिर एक्टिव, आज 20 जिलों में भारी बारिश–वज्रपात-मेघगर्जन का अलर्ट, पढ़े IMD अपडेट

चक्रवातीय परिसंचरण, मानसून ट्रफ और निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते मध्य प्रदेश में 20 अगस्त तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। आज जन्माष्टमी पर 2 जिलों में अति भारी और 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।यहां अगले 24 घंटे के दौरान साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वही 2 दर्जन जिलों में वज्रपात व झंझावत की संभावना जताई गई है। इंदौर, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी मौसम बदला रहेगा।

वर्तमान में सक्रिय है एक साथ कई मौसम प्रणालियां

  • निम्न दाब क्षेत्र, दक्षिण ओडिशा और संलग्न उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर अवस्थित है। इससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।वर्तमान में मानसून दूफ़, माध्य समुद्र तल पर बीकानेर कोटा, सिवनी, रायपुर से होकर दक्षिण ओडिशा और संलग्न उत्तरी आंध्र प्रदेश पर बने निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र तक विस्तृत है।
  • एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्व अरब सागर और संलग्न दक्षिण गुजरात, कोंकण एवं गोवा पर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। एक ट्रफ़ गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भागों से पूर्व-मध्य अरब सागर तक दक्षिण ओडिशा और संलग्न उत्तरी आंध्र प्रदेश पर बने निम्न दाब क्षेत्र से जुड़े ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिण महाराष्ट्र से होकर माध्य समुद्र तल से 3.1 और 4.5 किमी की ऊंचाई के मध्य विस्तृत है एवं ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रही है।

जानिए 19 अगस्त तक कहां कहां होगी मध्य प्रदेश में बारिश

16 अगस्त: बैतूल, बुरहानपुर अति भारी वर्षा, झंझावत कहीं-कहीं और वज्रपात। नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा भारी वर्षा, झंझावत और कहीं-कहीं वज्रपात।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर झंझावत और वज्रपात

17 अगस्त: बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात कहीं-कहीं ।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर झंझावत और वज्रपात कहीं-कहीं

18 अगस्त: बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी अति भारी वर्षा, झंझावत कहीं-कहीं और वज्रपात ।रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, बालाघाट भारी वर्षा, झंझावत और कहीं-कहीं वज्रपात। भोपाल, विदिशा, राजगढ़, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर झंझावत और वज्रपात कहीं-कहीं

19 अगस्त : सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल अति भारी वर्षा, झंझावत कहीं-कहीं और वज्रपात। हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा भारी वर्षा, झंझावत और कहीं-कहीं वज्रपात। भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर झंझावत और वज्रपात कहीं-कहीं

Madhya Pradesh: 1 जून से 15 अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा

मध्य प्रदेश में औसत से 25% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 31% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में अब तक 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर व उज्जैन संभाग के जिलों की स्थिति ठीक नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 37% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 25% बारिश अधिक हुई है। इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।

MP Weather Forecast till 19 August

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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